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भूखे का बयान सुन जागा वर्दी के पीछे का इंसान
Lucknow
Updated Sun, 07 Apr 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। नाका कोतवाली में आगंतुकों व पुलिसकर्मियों को पानी पिलाने की जिम्मेदारी एक ऐसे युवक को सौंपी गई है, जिसे पुलिस टीम ने शुक्रवार रात चोर होने के शक में पकड़ा था। दरअसल, पुलिस की पूछताछ में युवक के बयान ने वर्दी के पीछे के इंसान को जगा दिया था। इंस्पेक्टर नाका विजय प्रकाश ने बताया कि गश्त पर निकली टीम ने एक संदिग्ध युवक को पकड़ा। मैलेकुचैले कपड़े पहने युवक के पास से दुर्गंध आ रही थी। उसके पास मिले बोरे में कबाड़ भरा था। चोर होने के शक पर पुलिस टीम युवक को पकड़कर कोतवाली ले लाई। जेल भेजने की तैयारी चल ही रही थी कि इंस्पेक्टर ने पूछताछ शुरू की। पुलिसकर्मियों से घिरे युवक ने कांपते हुए कहा कि ‘साहब मैं चोर नहीं हूं। कई दिन से भूखा था। सोचा कि कबाड़ बटोरकर बेच दूं तो कुछ पैसे मिल जाएंगे’। बयान में सच्चाई नजर आने पर इंस्पेक्टर ने गहन पूछताछ की। युवक की पहचान कानपुर के कोपरगंज निवासी पल्लेदार शरीफ के बेटे जमील अहमद के रूप में हुई। इस पर कानपुर पुलिस की मदद से जमील व उसके परिवार के बारे में तहकीकात की गई। पता चला कि परिवार में पिता शरीफ, मां बानो व एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। सज जानने के बाद पुलिस का इरादा बदल गया। जमील को नहलाने के साथ ही पहनने के लिए साफ कपड़े दिए गए। साफ सुथरा होने के बाद जमीन को इंस्पेक्टर ने कोतवाली आने वाले लोगों व पुलिसकर्मियों को पानी पिलाने का काम सौंप दिया। तय किया गया कि सभी पुलिसकर्मी मिलकर उसका खर्च उठाएंगे और नगद रुपये भी देंगे।
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