{"_id":"124-54497","slug":"Lucknow-54497-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुबई से आने वाले पैसे को लेकर ससुर करता था प्रताड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुबई से आने वाले पैसे को लेकर ससुर करता था प्रताड़ित
Lucknow
Updated Fri, 15 Mar 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। लखनऊ जंक्शन पर बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर जान देने वाली महिला दशावती आजमगढ़ के अतरौलिया की रहने वाली थी। गुरुवार को मृतका का शव लेने आए भाई अर्जुन ने आरोप लगाया है कि ससुर दयाराम व सास गुलैचा आए दिन बहन से दुबई से आने वाले पैसे के लिए मारपीट करते थे। 12 मार्च को भी ससुर ने दशावती के साथ मारपीट की थी। इससे नाराज होकर वह बच्चों के साथ दवाई लेने का बहाना कर भाग आई और लखनऊ आकर आत्महत्या कर ली। अर्जुन ने बहन के सास-ससुर पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। अर्जुन के मुताबिक बहनोई मनोज दुबई में नौकरी करने के दौरान हर माह कुछ पैसा घर भेजता था, जिसे दशावती रखती थी। नशेड़ी ससुर शराब के लिए पैसा नहीं देने पर आए दिन उससे मारपीट करता था और घर से निकालने की धमकी देता था। वहीं जीआरपी चौकी इंचार्ज मोहम्मद इरशाद ने बताया कि अभी तक तहरीर नहीं दी गई है। मायके पक्ष के लोग शव की सुपुर्दगी लेने के बाद तहरीर देने की बात कर रहे हैं। गुरुवार सुबह दशावती के अंबेडकरनगर के थाना कप्तानगंज निवासी भाई अर्जुन और चाचा फूलचंद दर्जनाें ग्रामीणों के साथ जीआरपी चौकी पहुंचे और पूरी घटना से जीआरपी को अवगत कराया। उनका कहना था कि दशावती की देवरानी सुनीता से तो पटती थी लेकिन सास, ससुर व ननद से आए दिन कहासुनी होती थी। हालांकि घटना वाले दिन ननद अपने ससुराल में थी। ससुर से पैसे को लेकर दशावती की कहासुनी हुई थी। जब उसने शराब के लिए पैसे देने से मना कर दिया तो ससुर ने मारपीट की और घर से निकालने की धमकी दी। रोज-रोज की चिकचिक से आजिज आकर दशावती घर से बच्चों की दवा लेने की बात कहकर निकली थी। अर्जुन ने बताया कि बहन के शव को लेने और बच्चों को अपने साथ ले जाने के लिए जीआरपी अधिकारियों से बात चल रही है।
दो माह पहले भी घर छोड़कर चली गई थी ः गुरुवार देर रात आजमगढ़ से आए दशावती के ससुर के भाई रामनाथ यादव व राधेश्याम ने भी स्वीकार किया कि आए दिन पैसे, खाने-पीने और कामकाज को लेकर कहासुनी होती थी। दो माह पहले भी सास-ससुर से लड़ाई के बाद दशावती बच्चों को लेकर अपनी बुआ के यहां चली गई थी। हालांकि मायके पक्ष व फोन पर पति के समझाने के बाद वह फिर से सास-ससुर के साथ रहने लगी थी। वहीं बच्चों ने दूसरे दिन भी बताया कि घर से निकलने से पहले पापा और मम्मी की फोन पर खूब लड़ाई हुई थी। उसके बाद ही मम्मी घर से निकली थी।
बच्चों को ठीक होने में लगेगा समय ः डॉक्टरों के मुताबिक केजीएमयू के लिंब सेंटर में भर्ती दशावती के बच्चों हिमांशु (3) और दीपिका (5) को पूरी तरह से ठीक होने में अभी समय लगेगा। हिमांशु का हाथ कटा है और पैर का पंजा भी चोटिल हुआ है, जबकि दीपिका को पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। बच्चों का काफी खून भी निकला है। वहीं गुरुवार को नाना व मामा ने बच्चों से मुलाकात की। दुबई से पिता मनोज ने भी फोन पर बच्चों से बातचीत की। मनोज का कहना था कि ‘अमर उजाला’ में छपी खबर के बाद ही परिवारीजनों को घटना की जानकारी हुई। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ने यह खबर व बच्चों की फोटो प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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दो माह पहले भी घर छोड़कर चली गई थी ः गुरुवार देर रात आजमगढ़ से आए दशावती के ससुर के भाई रामनाथ यादव व राधेश्याम ने भी स्वीकार किया कि आए दिन पैसे, खाने-पीने और कामकाज को लेकर कहासुनी होती थी। दो माह पहले भी सास-ससुर से लड़ाई के बाद दशावती बच्चों को लेकर अपनी बुआ के यहां चली गई थी। हालांकि मायके पक्ष व फोन पर पति के समझाने के बाद वह फिर से सास-ससुर के साथ रहने लगी थी। वहीं बच्चों ने दूसरे दिन भी बताया कि घर से निकलने से पहले पापा और मम्मी की फोन पर खूब लड़ाई हुई थी। उसके बाद ही मम्मी घर से निकली थी।
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बच्चों को ठीक होने में लगेगा समय ः डॉक्टरों के मुताबिक केजीएमयू के लिंब सेंटर में भर्ती दशावती के बच्चों हिमांशु (3) और दीपिका (5) को पूरी तरह से ठीक होने में अभी समय लगेगा। हिमांशु का हाथ कटा है और पैर का पंजा भी चोटिल हुआ है, जबकि दीपिका को पूरे शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। बच्चों का काफी खून भी निकला है। वहीं गुरुवार को नाना व मामा ने बच्चों से मुलाकात की। दुबई से पिता मनोज ने भी फोन पर बच्चों से बातचीत की। मनोज का कहना था कि ‘अमर उजाला’ में छपी खबर के बाद ही परिवारीजनों को घटना की जानकारी हुई। गौरतलब है कि ‘अमर उजाला’ने यह खबर व बच्चों की फोटो प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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