फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   इम्तिहान के डर से भागा था आयुष

इम्तिहान के डर से भागा था आयुष

Wed, 20 Feb 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Wed, 20 Feb 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
लखनऊ। बाजारखाला के विक्टोरियागंज इलाके से सर्राफा व्यवसायी का बेटा आयुष रस्तोगी (12) इम्तिहान के डर से घर से भागा था। मंगलवार को कानपुर रेलवे स्टेशन पर स्कूल ड्रेस में देखकर जीआरपी ने उसे पकड़ लिया। जीआरपी ने लखनऊ से चाइल्ड लाइन कर्मियों को बुलाकर आयुष को उनके हवाले कर दिया। बकौल सीओ बाजारखाला अगामी 27 फरवरी से आयुष के छठवीं क्लास के इम्तिहान शुरू हो रहे थे। इसी डर से वह घर से भाग गया था। पूछताछ में आयुष ने बताया कि बड़ी मां रचना को बताकर नानी के घर आया था। उधर, सुबह पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर आयुष के घर वालों ने सड़क जामकर प्रदर्शन किया। इससे विक्टोरियागंज क्षेत्र के तुलसीदास मार्ग पर करीब एक घंटे तक यातायात ठप रहा। आयुष के बरामदगी के बाद पुलिस ने उसके पिता व बड़े भाई समेत दस अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस का आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस को गुमराह करने के साथ सड़क जाम कर नागरिकों को भी परेशान किया है।
विज्ञापन

सोमवार सुबह बाजारखाला के विक्टोरियागंज इलाके में घर के बाहर स्कूल जाने के लिए खड़ा सर्राफा व्यवसायी अनुपम रस्तोगी का बेटा आयुष उर्फ श्याम अचानक गायब हो गया था। सर्राफा व्यवसायी ने पुरानी रंजिश का हवाला देकर अपने मौसा संतोष वर्मा को नामजद कराते हुए बेटे के अपहरण की तहरीर दी थी। पुलिस ने देर रात संतोष व उसकी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन

इधर, मंगलवार सुबह पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाकर आयुष के पिता अनुपम और उनके बड़े बेटे अंकुर समेत भारी संख्या में लोगों ने सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया व तुलसीदास मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद करीब एक घंटे तक रास्ता बंद रहा और राहगीरों को खासी परेशानी हुई। पुलिस ने बामुश्किल समझाकर उन्हें शांत कराया। सीओ बाजारखाला सर्वेश मिश्र की मानें तो इसी दौरान कानपुर रेलवे स्टेशन से जीआरपी ने फोनकर आयुष के मिलने की सूचना दी। जीआरपी ने बताया कि स्कूल ड्रेस में देखने पर छात्र को रोककर पूछताछ की गई तो उसने सारी बात बता दी। आयुष ने बताया कि 27 फरवरी से उसका इम्तिहान शुरू हो रहा था। परीक्षा की तैयारी न होने के चलते वह उसमें शामिल नहीं होना चाहता था, इसलिए भाग आया। घर से निकलने के बाद वह टैम्पो से चारबाग पहुंचा और फिर ट्रेन से कानपुर चला आया। आयुष ने यह भी बताया कि वह बड़ी मां रचना को नानी के घर जाने की बात कहकर निकला था, जबकि रचना उसकी बात न सुन पाने की सफाई दे रही हैं। सीओ ने बताया कि कानपुर जीआरपी ने लखनऊ से चाइल्ड लाइन कर्मियों को बुलाकर आयुष को सौंप दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

आयुष की बरामदगी के बाद पुलिस ने जानबूझ कर गुमराह करने व सड़क जाम कर जनता को परेशान करने समेत विभिन्न धाराओं में पिता अनुपम व बड़े बेटे अंकुर समेत दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस आयुष के आने का इंतजार कर रही है। चाइल्ड लाइन टीम आयुष को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो चुकी है।
-
जूस वाले ने आग में घी डालने का किया था काम
अनुपम रस्तोगी के घर के सामने जूस का ठेला लगाने वाले एक दुकानदार ने आग में घी डालने का काम किया। दरअसल, जब आयुष घर के सामने से गायब हुआ तो जूस वाले ने अनुपम को बताया कि काफी देर से उसके ठेले के पास एक पीली वैन खड़ी थी। उसमें चार संदिग्ध लोग सवार थे। उनकी हरकतें ठीक नहीं थी। इसके बाद से अनुपम ने अपहरण की तहरीर दी।

अक्सर स्कूल से मार देता है ‘बंक’
पुलिस की मानें तो आयुष की शोहबत ठीक नहीं है। वह अक्सर साथियों के साथ स्कूल से बंक मारकर कुड़िया घाट पर जाकर घंटों बैठता है। 1 अक्तूबर 2012 को उसने अखबारों में छपी खबर पढ़कर खुद के अपहरण का ड्रामा रचा और ऐसी कहानी सुनाई की घर वालों को विश्वास हो गया। हालांकि इस बार उसकी होशियारी काम नहीं आई और खुद अपने ही जाल में फंस गया। उसकी कारगुजारी के चलते मां-बाप भी मुश्किल में फंस गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed