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टेक्नोक्रेट्स की बढ़ाएंगे साफ्टवेयर की समझ
Lucknow
Updated Sat, 02 Feb 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। गौतम बुद्ध प्राविधिक विश्वविद्यालय से संबद्ध इंजीनियरिंग कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की साफ्टवेयर के प्रति समझ बढ़ायी जाएगी। खासकर उन्हें ओपन सोर्स साफ्टवेयर के बारे में जागरूक किया जाएगा जिससे महंगे साफ्टवेयर की खरीद में धन के आवश्यक खर्च को रोका जा सकेगा। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर आईआईटी बांबे ने जीबीटीयू के साथ मिलकर इस कार्ययोजना का पूरा खाका तैयार कर लिया है। पहले चरण में इसे इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) पर लागू किया जाएगा।
नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन थ्रू इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी योजना के अंतर्गत आईआईटी बांबे की टीम जीबीटीयू आई थी। इस दौरान साफ्टवेयर अवेयरनेस प्रोग्राम को लेकर सहमति बनी। विशेषज्ञों का कहना था कि बाजार में ऐसे कई ओपन सोर्स साफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनका व्यापक पैमाने पर शैक्षिक एवं व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है और इनका कोई शुल्क भी नहीं है। यह कई महंगे साफ्टेवयर का विकल्प हैं। इंजीनियरिंग के छात्रों को इनके बारे में अवगत कराया जाएगा और इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आईआईटी बांबे इसके लिए छात्रों को लिंक भी उपलब्ध कराएगी जहां से साफ्टवेयर न केवल नि:शुल्क डाउनलोड किए जा सकेंगे बल्कि उनके इस्तेमाल का आडियो-वीडियो ट्यूटोरियल भी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। आईईटी के रजिस्ट्रार तनवीर का कहना है कि पहले चरण में इस कार्यक्रम को आईईटी में लागू किया जाएगा। इस कड़ी में इंजीनियरिंग छात्रों की वर्कशाप आयोजित की जाएगी जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी के विशेषज्ञ भी छात्रों की जिज्ञासाएं शांत करेंगे। प्रशिक्षण के बाद आईआईटी इसका ऑनलाइन टेस्ट लेगी और सफल अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट मिलेगा। इसका फायदा छात्रों को प्लेसमेंट के दौरान मिलेगा। दूसरे चरण में यह योजना सभी कॉलेजों में लागू की जाएगी जिसके लिए जीबीटीयू ने कॉलेजों को पांच जोन में विभाजित किया है।
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नेशनल मिशन ऑन एजुकेशन थ्रू इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी योजना के अंतर्गत आईआईटी बांबे की टीम जीबीटीयू आई थी। इस दौरान साफ्टवेयर अवेयरनेस प्रोग्राम को लेकर सहमति बनी। विशेषज्ञों का कहना था कि बाजार में ऐसे कई ओपन सोर्स साफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिनका व्यापक पैमाने पर शैक्षिक एवं व्यवसायिक इस्तेमाल हो रहा है और इनका कोई शुल्क भी नहीं है। यह कई महंगे साफ्टेवयर का विकल्प हैं। इंजीनियरिंग के छात्रों को इनके बारे में अवगत कराया जाएगा और इनके इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। आईआईटी बांबे इसके लिए छात्रों को लिंक भी उपलब्ध कराएगी जहां से साफ्टवेयर न केवल नि:शुल्क डाउनलोड किए जा सकेंगे बल्कि उनके इस्तेमाल का आडियो-वीडियो ट्यूटोरियल भी वेबसाइट पर उपलब्ध होगा। आईईटी के रजिस्ट्रार तनवीर का कहना है कि पहले चरण में इस कार्यक्रम को आईईटी में लागू किया जाएगा। इस कड़ी में इंजीनियरिंग छात्रों की वर्कशाप आयोजित की जाएगी जिसमें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आईआईटी के विशेषज्ञ भी छात्रों की जिज्ञासाएं शांत करेंगे। प्रशिक्षण के बाद आईआईटी इसका ऑनलाइन टेस्ट लेगी और सफल अभ्यर्थियों को सर्टिफिकेट मिलेगा। इसका फायदा छात्रों को प्लेसमेंट के दौरान मिलेगा। दूसरे चरण में यह योजना सभी कॉलेजों में लागू की जाएगी जिसके लिए जीबीटीयू ने कॉलेजों को पांच जोन में विभाजित किया है।
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