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एक और छात्र पर मुन्ना भाई का शक
Lucknow
Updated Wed, 23 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। सीपीएमटी परीक्षा में किस तरह साल्वरों का रैकेट सक्रिय रहा है? इसका खुलासा केजीएमयू में पकड़े गए तीन साल्वरों से हो गया। इस परीक्षा में साल्वरों के खेल की परतें दिन पर दिन उधड़ रही हैं। सोमवार को हुई स्क्रीनिंग के दौरान एक छात्र की फोटो का मिलान नहीं हो सका, पूछताछ होती देख छात्र चला गया। मंगलवार को यह छात्र अपने परिवार सहित केजीएमयू पहुंचा। अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
प्राक्टर डॉ अब्बास अली मेंहदी ने बताया कि सोमवार को हुई स्क्रीनिंग में वर्ष 2012 के एमबीबीएस छात्र की स्क्रीनिग के दौरान फोटो नहीं मिल रही है। ऐसा भी हो सकता कि उसका फोटो पुराना हो। यह छात्र दोबारा स्क्रीनिंग में नहीं आया। मंगलवार सुबह छात्र अपने परिवार वालों के साथ आया था। उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस छात्र के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने प्राक्टर डॉ. अब्बास अली मेंहदी से जानकारी की है। प्राक्टर से पुलिस ने आधे घंटे तक बंद कमरे में वार्ता की। प्राक्टर ने बताया कि पुलिस ने उनसे जानकारी ली है कि तीनों मुन्ना भाइयों ने उनसे क्या कहा है। पकड़े गए मुन्ना भाई शाह आलम ने बताया कि धनबाद व रांची के दो साल्वरों को दस लाख रुपए दिए हैं। यह बयान प्राक्टर ने पुलिस को दिए हैं। इसी तरह अन्य दोनों मुन्ना भाइयों ने बलिया व आजमगढ़ के साल्वरों के बारे में बताया। प्राक्टर का कहना है कि छात्रों ने ऐसा कुछ खास नहीं बताया जिससे साल्वरों की पड़ताल की जा सके।
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प्राक्टर डॉ अब्बास अली मेंहदी ने बताया कि सोमवार को हुई स्क्रीनिंग में वर्ष 2012 के एमबीबीएस छात्र की स्क्रीनिग के दौरान फोटो नहीं मिल रही है। ऐसा भी हो सकता कि उसका फोटो पुराना हो। यह छात्र दोबारा स्क्रीनिंग में नहीं आया। मंगलवार सुबह छात्र अपने परिवार वालों के साथ आया था। उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही इस छात्र के बारे में कुछ कहा जा सकेगा। इस मामले की जांच के लिए पुलिस ने प्राक्टर डॉ. अब्बास अली मेंहदी से जानकारी की है। प्राक्टर से पुलिस ने आधे घंटे तक बंद कमरे में वार्ता की। प्राक्टर ने बताया कि पुलिस ने उनसे जानकारी ली है कि तीनों मुन्ना भाइयों ने उनसे क्या कहा है। पकड़े गए मुन्ना भाई शाह आलम ने बताया कि धनबाद व रांची के दो साल्वरों को दस लाख रुपए दिए हैं। यह बयान प्राक्टर ने पुलिस को दिए हैं। इसी तरह अन्य दोनों मुन्ना भाइयों ने बलिया व आजमगढ़ के साल्वरों के बारे में बताया। प्राक्टर का कहना है कि छात्रों ने ऐसा कुछ खास नहीं बताया जिससे साल्वरों की पड़ताल की जा सके।
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