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सीएमओ का होमगार्ड बन गया हाकिम

Thu, 17 Jan 2013 05:30 AM IST
Lucknow
Lucknow Updated Thu, 17 Jan 2013 05:30 AM IST
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लखनऊ। मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक होमगार्ड विशेष सचिव के फर्जी दस्तखत से आदेश जारी करके लाखों के वारे-न्यारे कर रहा था। छह साल में उसने सैकड़ों आदेश जारी करके लाखों की कमाई की। इस गोरखधंधे में एक टाइपिस्ट भी शामिल था। हजरतगंज पुलिस ने बुधवार को दोनों को गिरफ्तार कर सनसनीखेज खुलासा किया है।
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एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने बताया कि पुलिस टीम ने आशियाना के साउथ सिटी रत्नाकर खंड निवासी होमगार्ड दीपक कुमार पांडेय व हुसैनगंज के बाबा की बगिया निवासी टाइपिस्ट किशोर कुमार वर्मा को गिरफ्तार किया है। एनेक्सी के तृतीय तल पर मुख्यमंत्री के लोक शिकायत अनुभाग में 2007 से तैनात होमगार्ड दीपक कुमार पाण्डेय मुख्यमंत्री के विशेष सचिव जुहेर बिन सगीर के फर्जी दस्तखत बना आदेश जारी करता था। उसने स्टेशनरी स्टोर से जुहेर बिन सगीर के नाम व पद की मुहर भी हासिल कर रखी थी।
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वह विधानभवन के गेट नंबर 10 के सामने के स्थित शाही इलेक्ट्रो स्टेट की दुकान पर कार्यरत किशोर कुमार से आदेश टाइप कराता था। उस पर फर्जी दस्तखत बनाने के साथ मुहर लगाकर कंप्यूटर अनुभाग में भेजे जाने वाले आदेशों के बीच रख देता था। इस तरह फर्जी आदेश भी सचिवालय के कंप्यूटर में दर्ज हो जाते और उन पर नंबर अंकित हो जाता था। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित व्यक्ति को देकर उससे 20 से 60 हजार रुपये वसूल लेता था।
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बीएचडब्ल्यू भर्ती में वसूले थे।

ऐसे पकड़ में आया जालसाज : मथुरा में समाजवादी युवजन सभा के जागेश्वर यादव को दस प्रतिशत व्यय पर 15 दिन के लिए गनर देने के आदेश में गड़बड़ नजर आने पर गृह विभाग के अधिकारियों ने विशेष सचिव जुहेर बिन सगीर को जानकारी दी। आदेश देखकर वह चौंके क्योंकि मुहर में जुहेर बिन के बीच रिक्त स्थान नहीं था। जाली मुहर व फर्जी दस्तखत से जारी आदेश देख अधिकारी सकते में आ गए। सीएम के विशेष सचिव के निजी सचिव सोहेल अहमद ने हजरतगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।

लाखों की कमाई की : जागेश्वर यादव से जालसाज का पता चलने पर पुलिस टीम ने होमगार्ड दीपक कुमार पांडेय को पूछताछ के लिए बुलाया। उसने राज उगलने शुरू कर दिए। उसने कबूला कि वर्ष 2007 से फर्जी आदेश बनाकर लाखों की कमाई की। मुख्यमंत्री कार्यालय में डाक आदान-प्रदान करने के दौरान फर्जी आदेशों को डाक की फाइल में रख देता था। कंप्यूटर पर काम करने वाले क्लर्क फर्जी आदेश को भी स्कैन करके फीड कर देते थे।

चार लाइन के पांच हजार : पुलिस ने शाही इलेक्ट्रो स्टेट नामक दुकान पर दबिश देकर टाइपिस्ट किशोर कुमार वर्मा को गिरफ्तार कर लिया। सआदतगंज के बाबा की बगिया में रहने वाले किशोर ने खुद को हुसैनगंज क्षेत्र के उदयगंज स्थित हाता गनी खां का मूल निवासी बताया। उसने कबूला कि दीपक उसे फर्जी आदेश टाइप करने के चार-पांच हजार रुपये देता था। दिन भर में दो-चार आदेश तो बन ही जाते थे।


सपा नेता ने उगला राज : सचिवालय में जालसाजी के मामले की तफ्तीश कर रहे एसआई कृष्णचंद्र तिवारी ने जागेश्वर यादव से तहकीकात की। खुलासा हुआ कि सपा जिलाध्यक्ष रामअवध यादव के घर वैवाहिक समारोह में जागेश्वर की मुलाकात कुशीनगर के मूल निवासी दीपक कुमार पांडेय से हुई। खुद को मुख्यमंत्री सचिवालय में तैनात बता रहे दीपक ने उससे कभी भी कोई काम बताने को कहा। इस पर जागेश्वर ने अपने गनर का आदेश लंबित होने की बात कही। दीपक ने उसे सिर्फ 25 हजार में आदेश कराने का आश्वासन देकर लेटर पैड पर प्रार्थनापत्र देने को कहा। झांसे में आए जागेश्वर ने शस्त्र दुकान के लाइसेंस व डीएम मथुरा से एक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कराने की भी बात कही। दीपक ने इन दोनों कार्यों का भी सौदा करके जागेश्वर से लेटरपैड के तीन पन्ने ले लिए। इसके बाद दीपक ने 12 अक्तूबर 2012 को जागेश्वर को आदेश हो जाने की जानकारी दी। अगले दिन उसे आदेश की फोटोकॉपी देकर रकम ले ली।
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