{"_id":"124-50394","slug":"Lucknow-50394-124","type":"story","status":"publish","title_hn":" स्कूलों में वित्तीय लेनदेन पढ़ाएगा आरबीआई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूलों में वित्तीय लेनदेन पढ़ाएगा आरबीआई
Lucknow
Updated Sat, 12 Jan 2013 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। बहुत संभव है कि अगले सत्र से स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र चेक साइन करने से लेकर ई-बैंकिंग तक के उपयोग के बारे में अपने अभिभावकों को पढ़ाते-सिखाते नजर आएं। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया उत्तर प्रदेश की स्कूली बच्चों में वित्तीय लेनदेन में छात्रों को जागरूक करने के लिए पाठ्यक्रम में बैंकिंग से जुड़े टॉपिक शामिल करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से आरबीआई लखनऊ के अधिकारियों की बातचीत चल रही है। शुक्रवार को आरबीआई के अधिकारियों ने वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के संबंध में किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। आरबीआई बैंक के डीजीएम हेमंत कुमार सोनी ने बताया कि क्लास 8 से 10 के साइंस और मैथ्स के सिलेबस में पहले से कुछ हिस्सा है जो नकली नोटों की पहचान और बैंकिंग के बारे में बताता है। लेकिन समय के साथ इसके विस्तार और एडवांसमेंट की जरूरत महसूस की जा रही है। बच्चों में अगर वित्तीय मामलों की समझ होगी तो बड़े होकर वे इनका बेहतर उपयोग कर सकेंगे। सोनी ने बताया कि बच्चों को विभिन्न किस्म के चेक, नई तकनीक से हो रही बैंकिंग, इंटरनेट और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग, एजूकेशन लोन आदि की जानकारियां देने की जरूरत है। इसके लिए उप्र माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से बातचीत की गई है जोकि बहुत सकारात्मक रहा है। दूसरी ओर उन्होंने आरबीआई के आउटरीच प्रोग्राम के बारे में भी विस्तार से बताया। डीजीएम ने बताया कि देश के कुछ हजार गांवों में ही बैंकिंग सुविधाएं हैं। देश के प्रत्येक गांव के लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचे इसके लिए बैंक प्रयास कर रहा है। आरबीआई प्राइवेट बैंकों को भी प्रोत्साहित कर रहा है जिससे वे भी गांवों तक बैंकिंग सुविधाएं पहुंचाएं। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इसके लिए बाराबंकी के सूरतगंज ब्लॉक में लालपुर करौता गांव को चुना गया है। सोनी के अनुसार इस गांव को चुनने के पीछे मकसद था कि सामाजिक व विकास की दृष्टि से बेहद पिछड़े क्षेत्र में सुविधाएं देने की जरूरत है। लालपुर करौता और आसपास के गांव हर साल बाढ़ का कहर झेलते हैं, यहां सुविधाएं भी नाममात्र की हैं। फिलहाल यहां बैंक ऑफ इंडिया ने ही अच्छा प्रसार किया है। कार्यक्रम में 15 व 16 जनवरी को विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों, बैंकों को बुलाया जाएगा और वित्तीय साक्षरता के लिए जरूरी जमीनी हकीकत समझी जाएगी। आयोजन समन्वयक एके छाबड़ा ने बताया कि रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव पहली बार किसी किसी आउटरीच कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे हैं। अब तक देश में पांच अन्य जगहों पर इस योजना के तहत कार्यक्रम हुए हैं।
विज्ञापन