{"_id":"124-46766","slug":"Lucknow-46766-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"पचास हजार निवेशकों के 27.50 करोड़ रुपये डकारे ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पचास हजार निवेशकों के 27.50 करोड़ रुपये डकारे
Lucknow
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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लखनऊ। एक मल्टीट्रेड नेटवर्किंग कंपनी ने करीब पचास हजार निवेशकों को 27.50 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगा दी। सूरत की कंपनी के संचालक लखनऊ के मामा चौराहा व विकासनगर स्थित शोरूम से गोरखधंधा चला रहे थे। कंपनी भागने की सूचना पर निवेशकों ने साइबर सेल को मेल भेजकर शिकायत की है। साइबर सेल ने निवेशकों से पुख्ता जानकारी मंागी है। साइबर सेल के नोडल अफसर के मुताबिक शिकायत में पूरी जानकारी न होने पर मामला दर्ज नहीं किया जा सका है। पुलिस कंपनी के संचालक ोंके बारे में पूरी जानकारी जुटा रही है। ठगी का शिकार बनने वालों में लखनऊ के अलावा चंदौली, बनारस, बाराबंकी, जौनपुर और फैजाबाद के लोग शामिल हैं।
साइबर सेल के नोडल अफसर व सीओ हजरतगंज दिनेश यादव के मुताबिक सूरत की मल्टीट्रेड नेटवर्किंग कंपनी के संचालकों ने मामा चौराहा व विकासनगर में अपना शोरूम खोल रखा है। संचालकों ने निवेशकों से 5500 रुपये जमा कर प्रतिमाह 220 रुपये की मुफ्त खरीददारी के साथ चार साल में रकम दूनी करने का वादा किया। झांसे में फंसकर लखनऊ के अलावा चंदौली, बनारस, बाराबंकी, जौनपुर, गोरखपुर, सीतापुर और फैजाबाद समेत कई जनपदों से करीब पचास हजार निवेशकों ने अपने खून पसीने से कमाई रकम लगा दी। कंपनी ने निवेशकों से इंवेस्टमेंट के 5500 रुपये अपने स्टेट बैंक के खाते में जमा कराए। निवेशकों ने कुछ माह तक तो शोरूम से खरीददारी की। मगर कुछ ही दिन में कंपनी की पोल खुल गई। शोरूम के संचालकों ने तकनीकी खराबी बताकर शॉपिंग बंद करा दी। डालीगंज के आलोक व केशवनगर निवासी चंद्रमोहन जैन ने साइबर सेल को मेल कर इस फ्राड की सूचना दी। साइबर सेल के अधिकारी के मुताबिक फौरी जांच में पता चला है कि कंपनी करीब पचास हजार निवेशकों को इसी तरह करीब 27.50 करोड़ का चूना लगाया है। मगर साइबर सेल को अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। साइबर सेल ने शिकायतकर्ताओं को पूरी जानकारी व कागजात लेकर बुलाया है। सीओ हजरतगंज का कहना है कि जानकारी मिलने के बाद कंपनी के संचालकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
ठगी की कमाई जमीन में लगाई ः पुलिस की मानें तो मल्टीट्रेड कंपनी के संचालकों ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई की रकम से हरिद्वार व लखनऊ में करोड़ों रुपये की कई बीघे जमीन खरीदी है। पुलिस उसकी अन्य प्रॉपर्टी के बारे में पता कर रही है। संचालकों के सेलफोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
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लालच में फंस गए ः पैसे दूना करने के लालच में आलोक, चंद्रमोहन जैन समेत करीब पचास हजार लोग कंपनी के झांसे में आ गए और शॉर्टकट से ज्यादा रकम कमाने के चक्कर में घरवालों की जमापूंजी भी गंवा दी। जानकारी के अनुसार एक-एक निवेशक ने अपने 10 से 20 एकाउंट खोल रखे थे। उनका कहना है कि न तो अब कंपनी की साइट चल रही और न ही शोरूम खोल रहा। संचालकों ने फोन भी उठाना बंद कर दिया है।
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साइबर सेल के नोडल अफसर व सीओ हजरतगंज दिनेश यादव के मुताबिक सूरत की मल्टीट्रेड नेटवर्किंग कंपनी के संचालकों ने मामा चौराहा व विकासनगर में अपना शोरूम खोल रखा है। संचालकों ने निवेशकों से 5500 रुपये जमा कर प्रतिमाह 220 रुपये की मुफ्त खरीददारी के साथ चार साल में रकम दूनी करने का वादा किया। झांसे में फंसकर लखनऊ के अलावा चंदौली, बनारस, बाराबंकी, जौनपुर, गोरखपुर, सीतापुर और फैजाबाद समेत कई जनपदों से करीब पचास हजार निवेशकों ने अपने खून पसीने से कमाई रकम लगा दी। कंपनी ने निवेशकों से इंवेस्टमेंट के 5500 रुपये अपने स्टेट बैंक के खाते में जमा कराए। निवेशकों ने कुछ माह तक तो शोरूम से खरीददारी की। मगर कुछ ही दिन में कंपनी की पोल खुल गई। शोरूम के संचालकों ने तकनीकी खराबी बताकर शॉपिंग बंद करा दी। डालीगंज के आलोक व केशवनगर निवासी चंद्रमोहन जैन ने साइबर सेल को मेल कर इस फ्राड की सूचना दी। साइबर सेल के अधिकारी के मुताबिक फौरी जांच में पता चला है कि कंपनी करीब पचास हजार निवेशकों को इसी तरह करीब 27.50 करोड़ का चूना लगाया है। मगर साइबर सेल को अब तक कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिले हैं। साइबर सेल ने शिकायतकर्ताओं को पूरी जानकारी व कागजात लेकर बुलाया है। सीओ हजरतगंज का कहना है कि जानकारी मिलने के बाद कंपनी के संचालकों पर शिकंजा कसा जाएगा।
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ठगी की कमाई जमीन में लगाई ः पुलिस की मानें तो मल्टीट्रेड कंपनी के संचालकों ने निवेशकों की गाढ़ी कमाई की रकम से हरिद्वार व लखनऊ में करोड़ों रुपये की कई बीघे जमीन खरीदी है। पुलिस उसकी अन्य प्रॉपर्टी के बारे में पता कर रही है। संचालकों के सेलफोन की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
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लालच में फंस गए ः पैसे दूना करने के लालच में आलोक, चंद्रमोहन जैन समेत करीब पचास हजार लोग कंपनी के झांसे में आ गए और शॉर्टकट से ज्यादा रकम कमाने के चक्कर में घरवालों की जमापूंजी भी गंवा दी। जानकारी के अनुसार एक-एक निवेशक ने अपने 10 से 20 एकाउंट खोल रखे थे। उनका कहना है कि न तो अब कंपनी की साइट चल रही और न ही शोरूम खोल रहा। संचालकों ने फोन भी उठाना बंद कर दिया है।