{"_id":"124-46645","slug":"Lucknow-46645-124","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोहिया अस्पताल में मरीज को ओटी से भगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोहिया अस्पताल में मरीज को ओटी से भगाया
Lucknow
Updated Tue, 13 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के नाक, कान, गला विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता और उनकी टीम की नर्स गीता ने सोमवार को संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। मुंहमांगा सुविधा शुल्क नहीं मिलने पर मरीज को ऑपरेशन थिएटर से बाहर निकाल दिया गया। इतना ही नहीं, उसे बेड हेड टिकट (बीएचटी) भी थमा दिया गया। मरीज और उसके परिजनों ने अस्पताल के उच्चाधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई तो सूबे के स्वास्थ्य मंत्री के दर पर पहुंच गए। स्वास्थ्य मंत्री ने महानिदेशक परिवार कल्याण को बुलाकर मरीज का इलाज कराने और पूरे मामले की जांच कर दोषी डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जानकीपुरम निवासी ऑटो ड्राइवर आलोक सिंह पत्नी संगीता को कान के इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया था। ईएनटी सर्जन डॉ. आरके. गुप्ता ने उसे 9 नवंबर को वार्ड नंबर तीन के बेड नंबर दो पर भर्ती करने के साथ ही सोमवार को ऑपरेशन के लिए तैयार रहने को कहा। आलोक से सर्जरी का शुल्क जमा कराया गया। संगीता की सभी जांचें करा ली गईं।
सोमवार को संगीता ऑपरेशन थिएटर पहुंची तो डॉ. आरके गुप्ता ने उससे कहा कि कान का ऑपरेशन होना है। इसमें महीन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है जो अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। उपकरण मंगाने के लिए छह हजार रुपये लगेंगे। आलोक सिंह ने बताया कि किसी तरह रिश्तेदारों से रुपये मांगकर उसने ऑपरेशन थिएटर में छह हजार रुपये भेजे। इसके कुछ देर बाद स्टाफ नर्स गीता ने ऑपरेशन थिएटर से बाहर आकर चार हजार रुपये और मांगे। आलोक व उसके परिजनों ने और रुपये न होने की बात कही तो नर्स गीता व डॉक्टर नाराज हो गए।
विज्ञापन
आलोक ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर मौजूद डॉ. गुप्ता ने संगीता को उसकी बीएचटी हाथ में देते हुए ऑपरेशन थिएटर की ही ड्रेस में बाहर निकाल दिया। उसे देख परिजन परेशान हो गए। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर आलोक और उसके परिजन संगीता को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के आवास पहुंच गए। स्वास्थ्य मंत्री ने मरीज की हालत देखकर तुरंत परिवार कल्याण निदेशक डॉ. एसटी हुसैन को बुलाया और मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. हुसैन लोहिया अस्पताल पहुंचे और आलोक व संगीता को भी वहीं बुला लिया। वहां मरीज और उसके परिजनों के साथ दोषी डॉक्टर व नर्स से पूछताछ की गई।
बर्खास्त होंगे चिकित्सक और नर्स!
संगीता से ऑपरेशन थिएटर में सुविधा शुल्क मांगना और उसे ओटी ड्रेस में ही बाहर निकालना डॉ. गुप्ता व नर्स गीता को भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एसटी हुसैन को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. हुसैन और सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने आलोक और संगीता का बयान दर्ज कराया। आलोक को संगीता का ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई लेकिन उसने अस्पताल में ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद संगीता से ओटी की ड्रेस व बीएचटी जमा करने के लिए कहा गया। डॉ. हुसैन का कहना है कि सुविधा शुल्क लेना गलत है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
जानकीपुरम निवासी ऑटो ड्राइवर आलोक सिंह पत्नी संगीता को कान के इलाज के लिए डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लाया था। ईएनटी सर्जन डॉ. आरके. गुप्ता ने उसे 9 नवंबर को वार्ड नंबर तीन के बेड नंबर दो पर भर्ती करने के साथ ही सोमवार को ऑपरेशन के लिए तैयार रहने को कहा। आलोक से सर्जरी का शुल्क जमा कराया गया। संगीता की सभी जांचें करा ली गईं।
विज्ञापन
सोमवार को संगीता ऑपरेशन थिएटर पहुंची तो डॉ. आरके गुप्ता ने उससे कहा कि कान का ऑपरेशन होना है। इसमें महीन उपकरणों का प्रयोग किया जाता है जो अस्पताल में मौजूद नहीं हैं। उपकरण मंगाने के लिए छह हजार रुपये लगेंगे। आलोक सिंह ने बताया कि किसी तरह रिश्तेदारों से रुपये मांगकर उसने ऑपरेशन थिएटर में छह हजार रुपये भेजे। इसके कुछ देर बाद स्टाफ नर्स गीता ने ऑपरेशन थिएटर से बाहर आकर चार हजार रुपये और मांगे। आलोक व उसके परिजनों ने और रुपये न होने की बात कही तो नर्स गीता व डॉक्टर नाराज हो गए।
विज्ञापन
आलोक ने बताया कि ऑपरेशन थिएटर के अंदर मौजूद डॉ. गुप्ता ने संगीता को उसकी बीएचटी हाथ में देते हुए ऑपरेशन थिएटर की ही ड्रेस में बाहर निकाल दिया। उसे देख परिजन परेशान हो गए। उन्होंने अस्पताल के अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर आलोक और उसके परिजन संगीता को लेकर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन के आवास पहुंच गए। स्वास्थ्य मंत्री ने मरीज की हालत देखकर तुरंत परिवार कल्याण निदेशक डॉ. एसटी हुसैन को बुलाया और मामले की जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद डॉ. हुसैन लोहिया अस्पताल पहुंचे और आलोक व संगीता को भी वहीं बुला लिया। वहां मरीज और उसके परिजनों के साथ दोषी डॉक्टर व नर्स से पूछताछ की गई।
बर्खास्त होंगे चिकित्सक और नर्स!
संगीता से ऑपरेशन थिएटर में सुविधा शुल्क मांगना और उसे ओटी ड्रेस में ही बाहर निकालना डॉ. गुप्ता व नर्स गीता को भारी पड़ सकता है। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे गंभीरता से लेते हुए महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ. एसटी हुसैन को मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डॉ. हुसैन और सीएमएस डॉ. आरसी अग्रवाल ने आलोक और संगीता का बयान दर्ज कराया। आलोक को संगीता का ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई लेकिन उसने अस्पताल में ऑपरेशन कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद संगीता से ओटी की ड्रेस व बीएचटी जमा करने के लिए कहा गया। डॉ. हुसैन का कहना है कि सुविधा शुल्क लेना गलत है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।