22 गांवों के लोग बोले, नहीं डालेंगे वोट
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विकास क्षेत्र असमोली के बाइस गांवों को मुरादाबाद में वापसी की मांग पर राजनीतिक संगठनों की खामोशी पर पंचायत कर शनिवार को एक बड़ा फैसला किया है।
तय किया गया है कि इन बाइस गांवों के लोग मतदान के बहिष्कार करने के साथ साथ किसी भी राजनीतिक संगठन की ना तो सभा होने देंगे और ना ही किसी प्रत्याशी की सभा कराएंगे। जो झूठे आश्वासन देने की कोशिश करेंगे, उनसे महिला विंग निपटेगी।
क्षेत्र के शाहपुर डसर गांव के समीप स्वाभिमान बचाओ आंदोलन समिति की ओर से शनिवार को गुमसानी, मढ़न न्याय पंचायतों के बाइस गांवों के लोगों की पंचायत बुलाई गई।
संयोजक महावीर सिंह मौर्य ने कहा कि जब से संभल जिले का सृजन हुआ, मुख्यालय केंद्र बिंदु पर बनाने की बात हुई, तभी से इन गांवों के लोग मुरादाबाद जिले में वापसी की मांग कर रहे हैं। 30 अक्तूबर-2013 को पंचायत कर रणनीति तैयार कर आंदोलन हुआ।
किसी उम्मीदवार की नहीं होगी आवाभगत
पोलियो अभियान और शिक्षण कार्य का बहिष्कार किया। 26 नवंबर से 19 दिन तक मंडलायुक्त कार्यालय पर धरना दिया, लेकिन अफसरों ने झूठा आश्वासन देकर धरना खत्म करा दिया।
किसी भी राजनीतिक संगठन का कोई पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि उनका दर्द सुनने नहीं पहुंचा। अब चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया जाएगा। किसी प्रत्याशी की आवभगत नहीं होगी। कोई सभा नहीं कराएगा। सियासी सभाओं से ग्रामीण दूर रहेंगे।
यदि किसी ने कोरा आश्वासन देने की कोशिश की तो उससे ग्रामीण महिलाएं अपने अंदाज में निपटेगी। प्रत्येक गांव के दो दो लोगों की एक 44 सदस्यीय वार्ता समिति का गठन किया गया है। यदि कोई बातचीत करना चाहेगा तो यही समिति बातचीत कर फैसला लेगी। पहले गांवों को मुरादाबाद में शामिल करो, तभी मतदान करेंगे।
पंचायत में रूषेंद्रपाल, मलखान सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख मसूद रजा खां, गजेंद्र सिंह, चमन सागर, सरदार रणधीर सिंह, नासिरुद्दीन, गुलाम, रियात, मुहम्मद अनीस, नवाब जान, मुहम्मद सालिक, रामगोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।