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90 करोड़ खर्च लेकिन 10 हजार अभी भी बेघर

Sat, 22 Feb 2014 12:13 PM IST
Updated Sat, 22 Feb 2014 12:13 PM IST
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10 thousend are Homeless in mujaffarnaagar

यूं तो इस पर बहुत बात हो चुकी लेकिन बातों से दर्द कम कहां होता है। सरकार 90 करोड़ बांट चुकी है लेकिन 10 हजार लोग अभी भी बेघर हैं और उनकी जिंदगी तंबुओं में गुजर रही है।

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दंगे को पांच महीने बीत चुके हैं लेकिन पीड़ितों की दुश्वारियां कम नहीं हुई हैं। प्रशासन के दावे भले ही कुछ हों, सरकार कोर्ट में कोई भी हलफनामा दे, हकीकत जौला और बसी के शिविरों में जाकर देखी जा सकती है।
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अभी भी हजारों लोग तंबुओं में आसरा लिए हैं। विस्थापितों की बड़ी संख्या जिले के अलग-अलग गांवों में डेरा डाले हुए है।

झूठा था प्रशासन का दावा!

10 thousend are Homeless in mujaffarnaagar

सितंबर में हुई हिंसा में मुजफ्फरनगर और शामली जिलों से 50 हजार से ज्यादा दंगा पीड़ितों ने शिविरों में शरण ली थी। राहत कैंपों को लेकर सियासत भी गरमाई, पुनर्वास के लिए अखिलेश सरकार ने 90 करोड़ बांट दिए, लेकिन शिविर फिर भी खाली नहीं हुए।

सर्दी के कहर से बुजुर्गों और बच्चों की मौतें हुईं। बेघर मुस्लिमों के मामले ने तूल पकड़ा तो शासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया। बुलडोजर चले, शरणार्थियों को जबरदस्ती कैंपों से हटाया गया। प्रशासन ने दावा कर दिया कि शिविर खाली हो गए हैं।

यही रिपोर्ट सरकार ने सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा दी। मुश्किल हालात, गांव लौटने का खौफ और जिंदगी से जुड़ी दुश्वारियां प्रशासन के दावों से बिल्कुल विपरीत हैं। बुढ़ाना के जौला और शाहपुर के बसीकलां में अभी भी तंबुओं के नीचे हजारों जिंदगियों की हलचल है।

मासूमों की मौत पर मिलेंगे 2-2 लाख

10 thousend are Homeless in mujaffarnaagar

सुप्रीम कोर्ट के सख्त रुख के बाद प्रदेश सरकार अब राहत कैंपों में जान गंवा बैठे बच्चों की मौत का दर्द दो-दो लाख रुपये देकर मिटाएगी। इसमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों को मुआवजे का हकदार माना गया है।

जौला और लोई के शिविरों में कड़ाके की ठंड के दौरान मरने वाले 12 बच्चों के परिजनों को मुआवजा मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई से पहले ही पीड़ित परिवारों को यह राशि दे दी जाएगी। मुजफ्फरनगर दंगे पर सुप्रीम कोर्ट में दर्ज 29 याचिकाओं ने सरकार को फंसा दिया है।

चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहस्पतिवार को सुनवाई कर ठंड में मारे गए बच्चों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा और सीबीआई जांच पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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