Cyber Attacks: अब साइबर हमलों पर कसेगी नकेल, दुनिया के पहले कानून से यूजर्स को मिलेगी सुरक्षा
दुनिया के अधिकतर देश साइबर हमलों से परेशान हैं। ऐसे में यूके यानी ब्रिटेन ने साइबर हमलों से निपटने के लिए विश्व का पहला कानून सोमवार से लागू कर दिया है। ये कानून यूजर्स के डेटा और प्राइवेसी को सुरक्षित रखेगा।

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साइबर हमलों को लेकर दुनियाभर के देश परेशान हैं। ऐसे में साइबर हमलों को रोकने के लिए यूके सरकार दुनिया का पहला कानून लेकर आई है। यूके के कानून के तहत इंटरनेट से जुड़े हुए सभी स्मार्ट डिवाइस में कम से कम स्टैंडर्ड सुरक्षा दी जाएगी। इस कानून को सोमवार से लागू कर दिया गया है। ऐसे में ये उम्मीद की जा रही है कि इस कानून के आने के बाद से यूके के कस्टमर्स और बिजनेस को साइबर हमलों से बचाया जा सकेगा।
यूके के नए कानून के तहत सरल पासवर्ड को डिफॉल्ट तौर पर रखना बैन कर दिया गया है। अगर आप एडमिन और 12345 जैसे साधारण पासपर्ड का इस्तेमाल करते हैं तो डिवाइस को आसानी से हैक किया जा सकता है। ऐसे में उन यूजर्स को एक मजबूत पासवर्ड रखने के लिए कहा जाएगा।
यूके में कुछ दिनों में ही 12000 से अधिक हैकिंग अटैक हो सकते हैं। इसमें 2,684 प्रयास शामिल हो सकते हैं। ऐसे में कस्टमर्स को इस नए कानून से काफी बड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही इस कानून की मदद से स्मार्ट डिवाइस पर साइबर अटैक से बचा जा सकेगा। यूके के साइबर मामलों के मंत्री जोनाथन बेरी ने जानकारी देते हुए कहा कि यूके का ये कानून साइबर सुरक्षा के साथ यूजर्स की पर्सनल प्राइवेसी, डेटा और वित्त की भी सुरक्षा करेगा।
यूके के साइंस और तकनीक विभाग ने कहा कि नए कानून जरूरतों को पूरा करते हुए निर्माताओं को ये देखना होगा कि हैकर्स और साइबर अपराधी इंटरनेट के जरिए किसी भी डिवाइस का एक्सेस न ले पाएं। इसमें स्मार्टफोन से लेकर गेमिंग कंसोल और कनेक्टिड फ्रिज भी शामिल है।
मंत्री ने बताया कि नए साइबर कानून ब्रिटिश सरकार की राष्ट्रीय साइबर रणनीति को सुरक्षित करने के लिए और उसे आगे बढ़ाने के लिए लाई गई है। सरकार के मुताबिक, नया साइबर कानून प्रोडक्ट की सुरक्षा के साथ ही दूरसंचार ढांचे की भी सुरक्षा करेगा। साथ ही ये भी देखेगा कि ये साइबर हमले यूके और वैश्विक स्तर पर वित्तीय तौर से प्रभाव नहीं डालें। नए कानून के मुताबिक, किसी भी बग को सही करने के लिए निर्माताओं को अपनी कॉन्टेक्ट की जानकारी पब्लिश करनी होगी। ऐसा करने से यूजर्स उस बग को रिपोर्ट कर पाएंगे।