एक गलती और खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, साइबर पुलिस ने दिए बचने के सुझाव

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जिस रफ्तार से पूरी दुनिया में संक्रमण फैल रहा है, उसी रफ्तार में साइबर अटैक भी बढ़ रहे हैं। आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले एक महीने में देशभर में साइबर अटैक के साढ़े छह लाख से अधिक प्रयास हुए हैं। इनमें से अधिकतर हैकर्स चीन के हैं। इन हैकर्स का मुख्य काम क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर नजर रखना और फर्जी ईमेल एड्रेस के जरिए किसी व्यक्ति की अन्य जानकारियां जुटाना है। कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम ऑफ इंडिया (सीईआरटी-इन) ने इस संबंध में चेतावनी भी जारी की है और कहा है कि भारतीय नागरिक और व्यापारिक संस्थानों को फिशिंग अटैक का खतरा है।
आए दिन लोगों को कोरोना से संबंधित मैसेज मिल रहे हैं। इसके अलावा ई-मेल और व्हाट्सएप पर भी कोरोना से संबंधित मैसेज भेजे जा रहे हैं। हाल ही कुछ ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनमें गुड मॉर्निंग और कोरोना की फ्री जांच के मैसेज के जरिए ऑनलाइन ठगी को अंजाम दिया जा रहा है। हैकर्स लोगों को केवाईसी के नाम पर वेब लिंक के साथ एक मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में अकाउंट बंद करने की बात कही गई जा रही है। मैसेज में मिले लिंक पर क्लिक करते ही एक गूगल डॉक्यूमेंट फॉर्म का पेज खुलता और जिसमें लोगों से एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड और सीवीवी नंबर मांगा जाता है और पैसे निकाल लिए जाते हैं। बता दें कि हाल ही में सीईआरटी-इन ने एक अलर्ट जारी करते हुए कहा था कि 21 जून के बाद देश में साइबर अटैक बढ़ गए हैं। ऐसे में लोगों को बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है।
हैकर्स फिशिंग अटैक के लिए आमतौर पर चार तरीके अपनाते हैं जिनमें सोशल मीडिया प्लेटफार्म, वेबसाइट पर पॉपअप नोटिफिकेशन भेजना, ईमेल के जरिए लिंक भेजना और एसएमएस पर लिंक भेजना शामिल हैं। अब सवाल यह है कि इन फिशिंग अटैक से बचने का रास्ता क्या है।