स्मार्टफोन के लिए इस तरह चुनें सही चार्जर

कुछ भी हो जाए स्मार्टफोन और टैबलेट जैसे डिवाइस में बैटरी ख़त्म हो जाए या कम हो जाए वो आज के युवा को बिलकुल पसंद नहीं है। इसीलिए गाड़ी में बढ़िया चार्जर रखना काफी काम की चीज़ होती है। इसके बाद गाड़ी से जब भी कहीं जा रहे हैं तो थोड़ी देर में बैटरी में थोड़ी जान फूंकी जा सकती है।
अगर सैमसंग या एप्पल का स्मार्टफोन है तो उसी कंपनी का चार्जर रखने वाले दिन अब चल गए हैं। माइक्रो यूएसबी चार्जर आने के कारण आपको अब पहले की तरह चार्जर ढूंढना नहीं पड़ेगा। ऐसे चार्जर या उसकी तार खरीदते समय आप किन बातों का ध्यान रख सकते हैं आइए आपको बताते हैं।
स्मार्टफ़ोन के चार्जिंग के लिए कुछ चीज़ें अहम हैं - पावर या बिजली (वॉट में), करंट (एम्पीयर में) और वोल्टेज (वोल्ट में)। टैबलेट की बैटरी स्मार्टफोन से ज़्यादा कैपेसिटी की होती है इसलिए उसके लिए जो तार या चार्जर चाहिए उसकी रेटिंग ज़्यादा होनी चाहिए। इसीलिए चार्जर या उसकी तार की एम्पीयर की संख्या पर नज़र ज़रूर रखिये। चार्जिंग के लिए सबसे बढ़िया तार वो होती है जो आपकी डिवाइस के साथ आती है।
तीन तरह के चार्जर

चार्जर तीन तरह के होते हैं - फ़ास्ट चार्जर, रैपिड चार्जर और ट्रिकल चार्जर। तीनों के अपने अपने फायदे हैं और चार्जिंग की रफ़्तार उसी अनुसार अलग-अलग है। कोई भी स्मार्टफोन की बैटरी को सबसे जल्दी फ़ास्ट चार्जर तैयार कर सकता है।
ट्रिकल चार्जर अपना काम काफी कम रफ़्तार पर करता है लेकिन उसका फायदा ये है कि स्मार्टफ़ोन गर्म नहीं होता है। चार्ज होने के बाद भी अगर ट्रिकल चार्जर से स्मार्टफोन कनेक्टेड रहता है तो उसकी बैटरी को कोई नुकसान नहीं होगा। अपनी ज़रुरत के अनुसार आप इन तीनों तरह में से एक चुन सकते हैं।
घर के इस्तेमाल के लिए तीन या चार यूएसबी पोर्ट वाले चार्जर खरीद लें तो हर कोने के लिए अलग चार्जर की ज़रुरत नहीं होगी। उससे एक से ज़्यादा डिवाइस आसानी से चार्ज किया जा सकता है। अगर दो पोर्ट वाले यूएसबी चार्जर खरीद रहे हैं तो हर पोर्ट के लिए कम से कम 2.1 एम्पीयर पावर ज़रूर होनी चाहिए।
कार के लिए मोबाइल चार्जर

गाड़ी की सिगरेट लाइटर की सॉकेट में जो भी चार्जर लगता है उसकी एम्पीयर ज़्यादा होने पर आपके लिए बढ़िया होता। गाड़ी के लिए अगर दो पोर्ट वाला यूएसबी चार्जर 2.4 एम्पीयर वाली रेटिंग का है तो वो आपके स्मार्टफोन के लिए पूरा नहीं पड़ेगा।
आजकल कई लोग दो स्मार्टफोन या दो फ़ोन रखते हैं। अगर चलती गाड़ी में दो स्मार्टफोन एक साथ चार्ज करना है तो कम से कम 4.8 एम्पीयर रेटिंग वाला चार्जर आपके लिए काम कर सकता है। इसीलिए एक ज़्यादा पोर्ट वाले चार्जर गाड़ी के लिए बहुत ज़रूरी है। अगर गाड़ी में आपके साथ एक से ज़्यादा दोस्त हैं तो ऐसी स्थिति को सोच कर आप तीन पोर्ट वाला चार्जर भी खरीदने की सोच सकते हैं।
छोटे तार की भी आपको ज़रुरत है क्योंकि जब आप डेस्क पर काम कर रहे हैं तो चार्जिंग के लिए वो एक फुट से कम लम्बी तार काफी बढ़िया होती है। स्मार्टफोन या टैबलेट को जब चार्ज करना है वैसी ज़रुरत के लिए आपको लम्बी तार चाहिए। हो सकता है आप एक दो ऐसी तार अपने पास बैकअप के लिए भी रखते हैं।
एक जैसे ही दिखते हैं स्मार्टफोन के चार्जिंग केबल

ज़्यादातर स्मार्टफोन के चार्जिंग केबल एक जैसे ही दिखते हैं। उनकी समानता बस वही ख़त्म हो जाती है और उनके अंदर कि इंजीनियरिंग के कारण चार्जिंग की रफ़्तार अलग होती है। इसीलिए उन्हें खरीदते समय काफी सावधान रहना चाहिए ताकि वो तार ज़्यादा दिन चले और स्मार्टफ़ोन को नुकसान भी नहीं पहुंचाए।
गलत चार्जर से जो स्मार्टफ़ोन दो घंटे में चार्ज होना चाहिए वो कहीं उससे दुगना समय नहीं ले। इसीलिए सभी डिवाइस के लिए अलग रेटिंग वाले चार्जर की ज़रुरत होती है। लेकिन अगर ज़्यादा एम्पीयर वाले चार्जर आप अपने स्मार्टफ़ोन के लिए इस्तेमाल करेंगे तो उससे कोई नुकसान नहीं होगा। हां, जल्दी चार्जिंग का मतलब है स्मार्टफ़ोन थोड़ा गर्म हो जाएगा।
गाड़ी के लिए जो चार्जिंग केबल होता है वो चार्जर से जुड़ा नहीं हो तो बढ़िया होगा। इससे अगर तार खराब हो जाती है तो आपको चार्जर खरीदने की ज़रुरत नहीं पड़ेगी। चार्जर अगर बढ़िया हो और उसकी तार की क्वालिटी खराब हो तो चार्जिंग की रफ़्तार धीमी हो जाती है। इसलिए ज़रूरी है कि बढ़िया चार्जिंग की तार साथ में खरीदें।
अगर आपको काम से एक शहर से दूसरे अक्सर जाना पड़ता है तो शायद आप ऐसे केबल रखना चाहेंगे जिन्हें मोड़ कर बढ़िया से रखा जा सकता है जैसा कि यहां (https://www.youtube.com/watch?v=EIP4KSXAPEk) देख सकते हैं। अक्सर देखा गया है कि पतली तार वाले तार चार्जिंग की रफ़्तार धीमी कर देते हैं। चार्जिंग की कम रफ़्तार से अगर काम चल जाता है तो ऐसी तार आपके काम की चीज़ है।
आजकल महंगे स्मार्टफ़ोन में वायरलेस चार्जिंग की भी सुविधा होती है। महंगी डिवाइस के लिए ये चार्जर भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन परेशानी ये हैं कि अगर आपने स्मार्टफ़ोन चार्जर पर ठीक से नहीं रख तो वो चार्ज नहीं होगा।