Digital Learning: 4,000 से अधिक छात्रों को डिजिटल शिक्षा देगा शाओमी, यूनाइटेड वे इंडिया के साथ हुई साझेदारी

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Thu, 09 Mar 2023 08:20 PM IST
सार

शाओमी कर्नाटक और दिल्ली-एनसीआर में स्थित 12 सरकारी और एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 4,000 से अधिक बच्चों के लिए इनोवेटिव टिंकरिंग लैब स्थापित करने वाली है।

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Xiaomi Partners With United Way India to Digital Learning of Over 4000 Students
Xiaomi - फोटो : सोशल मीडिया

    विस्तार

    स्मार्ट डिवाइस निर्माता शाओमी (Xiaomi) अब देश के 4,000 से अधिक छात्रों को डिजिटल शिक्षा देगा। कंपनी ने इसके लिए यूनाइटेड वे इंडिया के साथ साझेदारी कर ली है। शाओमी ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। कंपनी कर्नाटक और दिल्ली-एनसीआर में स्थित 12 सरकारी और एक सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में 4,000 से अधिक बच्चों के लिए इनोवेटिव टिंकरिंग लैब स्थापित करने वाली है।

    क्या है कंपनी का प्लान?

    शाओमी ने कहा कि कंपनी ने टिंकरिंग लैब स्थापित करने और डिजिटल शिक्षा में सहयोग के लिए यूनाइटेड वे इंडिया के साथ मिलकर काम किया है। शाओमी इंडिया का लक्ष्य बच्चों के बीच टिकाऊ भविष्य कौशल-सेट विकसित करना है, जो उन्हें कई तकनीकों तक पहुंच प्रदान करेगा और उन्हें चुनौतियों का समाधान करने के लिए नए समाधान बनाने में सक्षम बनाएगा। ये लैब छात्रों को डिजिटल शिक्षा, मोबाइल टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स में बेहतर सहायता प्रदान करने में सहायता करेंगी और उन्हें एक प्रभावी शिक्षण अनुभव प्रदान करने के लिए सशक्त बनाएंगी।

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    लर्निंग बाय डूइंग

    शाओमी ने बताया कि एक्सपेरिमेंट लर्निंग के लिए छात्रों के साथ 'लर्निंग बाय डूइंग' प्रक्रिया को अपनाया जाएगा। इस प्रक्रिया में छात्रों को एंगेज रखने के लिए एक्सपेरिमेंट की मदद ली जाती है। कंपनी के अनुसार, ये लैब छात्रों में कम्प्यूटेशनल स्किल, डिजाइन सोच, समस्या-समाधान, फिजिकल कंप्यूटिंग और एडाप्टिव लर्निंग में मदद करेंगी और उन्हें उन क्षमताओं से लैस करेंगी जो उन्हें डायनामिक इकोसिस्टम में एडवांस सॉल्यूशन प्रदान करने के लिए आवश्यक हैं।

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    शाओमी इंडिया के अध्यक्ष मुरली कृष्णन बी ने कहा कि ये लैब्स बच्चों को उनकी आलोचनात्मक और पार्श्व सोच को बढ़ाने, क्रिएटिव होने, वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने और उनके नए विचारों में सहायता करेंगी। मुरली कृष्णन ने कहा, "हमें विश्वास है कि इस साझेदारी के साथ हम सीखने के पारंपरिक लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बदलने और भविष्य के लिए तैयार सीखने का माहौल (फ्यूचर-रेडी लर्निंग) को स्थापित करने में सक्षम होंगे।"

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