Sanchar Saathi: एक महीने में ही ढूंढ निकाले चोरी हुए 2.5 लाख से अधिक फोन, आप भी खोज सकते हैं, ये है तरीका
दरअसल, यह पोर्टल एआई की मदद से काम करता है और फिलहाल चोरी हुए फोन को ट्रैक करने में कारगर साबित हो रहा है। पोर्टल को 16 मई को लॉन्च किया गया है।

विस्तार
दूरसंचार विभाग ने पिछले महीने ही संचार साथी पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल को चोरी या गुम हो चुके स्मार्टफोन को ट्रैक करने और ब्लॉक करने के लिए पेश किया गया है। पोर्टल की मदद से अब तक 2.5 लाख से अधिक स्मार्टफोन को खोजा जा चुका है। वहीं पोर्टल की मदद से 5.4 लाख से अधिक फोन को ब्लॉक किया गया है। इस पोर्टल में टेलीकॉम यूजर्स की सुरक्षा के लिए तीन सुधार किए गए हैं, जो यूजर्स की डिजिटल पहचान की रक्षा करने और फोन को ट्रैक या ब्लॉक करने में मदद करते हैं। यह पोर्टल एआई की मदद से काम करता है। चलिए जानते हैं इस पोर्टल के बारे में, साथ ही पोर्टल को इस्तेमाल करने का तरीका भी जानेंगे।
लॉन्चिंग के पहले एक महीने में ही सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) के संचार साथी पोर्टल पर फोन के गुम हो जाने और चोरी हो जाने की काफी शिकायत की गई। जिनमें से पोर्टल की मदद से स्मार्टफोन यूजर्स 541,428 मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और 255,882 खोए हुए डिवाइस का पता लगाने में कामयाब रहे। इस पोर्टल को 16 मई को लॉन्च किया गया है।
अनुमान के मुताबिक, खोए या चोरी हुए फोन का बाजार करीब 1,200 करोड़ रुपये का है। एक महीने में 50,000 से अधिक डिवाइस खो जाने या चोरी हो जाने के मामले आते हैं। लेकिन पोर्टल की मदद से यूजर किसी डिवाइस के यूनिक आइडेंटिफिकेशन नंबर (IMEI) को ब्लॉक कर सकता है, जो फोन को अनुपयोगी बना देता है, भले ही फोन में नया सिम कार्ड ही लगा दिया जाए। फोन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता, जिसके बाद इसकी रीसेल वैल्यू शून्य हो जाती है। हालांकि, फोन को इसके बाद भी ग्रे मार्केट में बेचा जा सकता है। लेकिन डिवाइस अनुपयोगी हो जाता है और मार्केट में इसकी खरीद-बिक्री बंद हो जाती है।
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