UPSRTC Hacked: हैकर्स के हौसले बुलंद, यूपी रोडवेज की साइट हैक कर मांगी 40 करोड़ फिरौती

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 27 Apr 2023 01:21 PM IST
सार

UP Roadways Website Hacked: ताजा मामला यूपी रोडवेज की साइट का है। यूपी रोडवेज की साइट पिछले दो दिनों से हैकर्स के कब्जे में हैं और इसे री-स्टोर करने में अभी भी एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। हैकर्स ने बिटकॉइन में 40 करोड़ की फिरौती की मांग की है। आइए समझने की कोशिश करते हैं आखिर एक हैकर से सरकारी साइट को छुड़ाने में इतना वक्त क्यों लग रहा है और हैकर्स के खिलाफ सरकार की क्या तैयारियां हैं।

विज्ञापन
UPSRTC Website Hack: UP Roadways Website Hacked 40 Crore Ransom Demanded In Bitcoin News in Hindi
Cyber Attack - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    हम भले ही साइबर सिक्योरिटी और प्राइवेसी को लेकर लाख बातें कर लें, लेकिन सच्चाई यह है कि भारत आज भी साइबर हमलों से निपटने के लिए तैयार नहीं है। आए दिन भारत में सरकारी वेबसाइट हैक हो रही हैं और उन साइट को हैकर्स के कब्जे से छुड़ाने में हफ्तों लग जा रहे हैं। सच तो यह है कि भारत में आज भी साइबर अटैक को लेकर कोई सख्त कानून नहीं है जिसके तहत सजा हो सके। इस महीने की शुरुआत में ही भारत सरकार ने 12,000 ऐसी वेबसाइट की लिस्ट जारी की थी जो कि हैकर्स के निशाने पर थे।

    पिछले साल भारत सरकार की 50 वेबसाइट को हैकर्स ने शिकार बनाया था। ये आंकड़े केंद्र सरकार की वेबसाइट के हैं। अब ताजा मामला यूपी रोडवेज की साइट का है। यूपी रोडवेज की साइट पिछले दो दिनों से हैकर्स के कब्जे में हैं और इसे री-स्टोर करने में अभी भी एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। हैकर्स ने बिटकॉइन में 40 करोड़ की फिरौती की मांग की है। आइए समझने की कोशिश करते हैं आखिर एक हैकर से सरकारी साइट को छुड़ाने में इतना वक्त क्यों लग रहा है और हैकर्स के खिलाफ सरकार की क्या तैयारियां हैं।

    विज्ञापन

    उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की वेबसाइट के सर्वर पर साइबर अटैक हुआ है और डाटा चोरी किया गया है। इस हैकिंग के बाद बिटकॉइन में 40 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। साइबर हमलावरों ने दो दिन का वक्त दिया है और तय वक्त में फिरौती न देने पर यह रकम बढ़ाकर 80 करोड़ करने की धमकी दी है। इस संबंध में साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है औ मामले की जांच चल रही है। यह एक रैनसमवेयर अटैक है। रैनसमवेयर अटैक में ही डाटा पर कब्जा किया जाता है और फिरौती की मांग की जाती है। हमले में सर्वर की फाइलों को इनक्रिप्ट कर दिया गया है और डिजास्टर रिकवरी क्लाउड का भी डाटा इनक्रिप्ट हो गया है। अब डाटा का रिकवरी कर पाना बेहद मुश्किल है।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्रा के मुताबिक साइबर सिक्योरिटी ऑडिट ना होने की वजह से इस तरह के साइबर अटैक में इजाफा होता है, क्योंकि हैकर्स को खामियों की जानकारी मिल जाती है। ऑडिट का फायदा यह होता है कि इसमें खामियों का पता चल जाता है और समय रहते इन खामियों को दूर किया जाता है।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें