भारत के बाद अब Tik Tok हॉन्ग-कॉन्ग में भी होगा बंद, जानें वजह

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चीन ने हाल ही में हॉन्ग-कॉन्ग में इंटरनेट सेंसर करने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून पास किया था, जो कि अब लागू हो गया है। इस कानून के तहत कई सारे अतरराष्ट्रीय मोबाइल और साइट्स पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा एक्ट में जानकारी साझा करने पर रोक लगाने के साथ-साथ टेक कंपनियों को यूजर्स का डाटा सरकार के साथ साझा करना अनिवार्य कर दिया गया है। यही वजह है कि टिक-टॉक ने हॉन्ग-कॉन्ग में काम बंद करने के एलान कर दिया है। इसके अलावा ट्विटर और फेसबुक जैसी दिग्गज कंपनियों ने भी यूजर्स का डाटा साझा करने से इनकार किया है।
मेयर ने भारत सरकार को भेजे पत्र में लिखा था कि मैं इस बात की पुष्टि कर सकता हूं कि चीनी सरकार ने भारतीय उपयोगकर्ताओं के डाटा के लिए हमसे कोई अनुरोध नहीं किया है। यदि हमें भविष्य में ऐसा कोई अनुरोध प्राप्त होता है, तो हम इसका अनुपालन नहीं करेंगे। मेयर ने कहा कि कंपनी के चाइनीज होने के बावजूद टिकटॉक चीन में उपलब्ध नहीं है। चीनी सरकार ने कभी भी कंपनी से डाटा नहीं मांगा है। अब मेयर की बातों पर गौर करें तो चीन के होने के बावजूद ग्लोबल यूजर्स को पकड़ने के लिए बाइटडांस चीनी बाजार से तौबा कर रही है। इसका प्रमाण यह है कि टिकटॉक चीन में उपलब्ध नहीं है।
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69 ए के तहत भारत सरकार ने इन 59 एप्स को ब्लॉक करने का निर्णय लिया था क्योंकि ये एप भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा थे। सरकार को विभिन्न स्रोतों से इन एप्स को लेकर कई शिकायतें मिली थी, जिनमें कई मोबाइल एप के दुरुपयोग की बाते थी। ये एप आईफोन और एंड्रॉयड दोनों यूजर्स का डाटा चोरी कर रहे थे।
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