तेजी से मिट रहा है इंटरनेट की दुनिया का इतिहास, ये आंकड़े हैं गवाह

प्रदीप पांडे
बीबीसी हिन्दी, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Mon, 18 Nov 2019 02:38 PM IST
सार

तेजी से खत्म हो रहा इंटरनेट की दुनिया का इतिहास

डिजिटल इतिहास को समेटना है मुश्किल

डिजिटल लाइब्रेरी बनाना है बड़ा काम

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The history of the Internet world is fast disappearing, these figures are witnesses
History of internet - फोटो : amar ujala

    विस्तार

    2005 में एलेक्स ट्यू के दिमाग में करोड़ों रुपये का एक आइडिया आया। 20 बरस के एलेक्स के सामने चुनौती थी कि 3 साल की बिजनेस की डिग्री की फीस कैसे भरें। उन्हें लग रहा था कि कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। तो, उन्होंने एक नोटपैड पर लिखा-'कैसे बनें करोड़पति।' करीब 20 मिनट बाद एलेक्स के जेहन में जो बात आई, वो उनकी नजर में इस सवाल का जवाब था।

    एलेक्स ट्यू ने मिलियन डॉलर होमपेज नाम की वेबसाइट बनाई। इसका मॉडल बहुत ही साधारण था। इस वेबसाइट पर दस लाख पिक्सेल थे। हर पिक्सेल एक विज्ञापन का ठिकाना था। कोई भी एक डॉलर प्रति पिक्सेल के हिसाब से 100 पिक्सेल खरीद कर उस पर अपना विज्ञापन दे सकता था। आप ने एक बार जो पिक्सेल खरीद लिए, वो हमेशा के लिए आप के हो गए। जब दस लाख पिक्सेल बिक जाते, तो एलेक्स करोड़पति बन जाते। कम से कम एलेक्स की योजना तो यही थी।

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    एलेक्स ट्यू ने मिलियन डॉलर होमपेज को 26 अगस्त 2005 को लॉन्च किया। इसे तैयार करने में ट्यू को 50 डॉलर की भारी-भरकम रकम खर्च करनी पड़ी थी। विज्ञापन देने वालों ने पिक्सेल खरीदे और इन पर अपने प्रॉडक्ट के लिंक दिए, जिन तक पहुंचा जा सकता था। हर पिक्सेल में विज्ञापन के बारे में एक छोटी सी लाइन भी लिखी होती थी एक तस्वीर के साथ।

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    एक महीने के भीतर ही इस पेज के चर्चे थे। मीडिया में भी एलेक्स की वेबसाइट चर्चित हुई। जनवरी 2006 में दस लाख पिक्सेल के आखिरी एक हजार पिक्सेल भी बिक गए। एलेक्स ट्यू अब करोड़पति बन गए थे। आज भी उनकी वेबसाइट चल रही है। जबकि इसे लॉन्च किए हुए 13 साल हो चुके हैं। इसके बहुत से ग्राहक जैसे ब्रिटेन का द टाइम्स अखबार, ट्रैवेल कंपनी चीपफ्लाइट्स।कॉम और याहू जैसी कंपनियों ने लंबे वक्त तक पैसे देकर इस पर अपना प्रचार किया है। आज भी हजारों लोग इसे रोजाना देखते हैं।

    एलेक्स ट्यू अब चलाते हैं योग सिखाने वाले एप

    million dollar homepage
    million dollar homepage - फोटो : million dollar homepage

    एलेक्स ट्यू ने इस वेबसाइट को काफी पहले बेच दिया था। अब वो एक एप चलाते हैं, जो लोगों को ध्यान योग सिखाता है। उनकी वेबसाइट इंटरनेट के शुरुआती दिनों का म्यूजिम बन चुकी है। 15 साल में कोई भी चीज इतनी पुरानी नहीं पड़ती कि उसका इतिहास लिखा जाए। उसका म्यूजियम बनाया जाए। पर, इंटरनेट की रफ्तार बड़ी तेज है। जो आज सितारा है, वो कल गर्दिश में हो जाता है। मिलियन डॉलर होमपेज को ही लीजिए। आज इसकी साइट के पिक्सेल पर मिलने वाले 40 फीसदी लिंक मुर्दा हो चुके हैं। मतलब उनकी कंपनियों की वेबसाइटें बंद हो चुकी हैं। कइयों ने नई वेबसाइटें बना ली हैं। मिलियन डॉलर होमपेज इस बात की मिसाल है कि इंटरनेट में कितनी तेजी से वेबसाइट खंडहर बन जाती हैं।

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    एक दशक पहले अमरीका की मशहूर कंपनी अमरीकन ऑनलाइन वेबसाइट चलाती थी। इसमें लोग गीत-संगीत और साहित्य के बारे में लेख लिखते थे। इंटरव्यू छपते थे। फेसबुक और ट्विटर के जरिए भी इस वेबपेज को खूब लाइक्स और लोकप्रियता मिल रही थी। स्मार्टफोन के बढ़ते दायरे ने इस वेबपेज की लोकप्रियता में काफी इजाफा किया। लेकिन अप्रैल 2013 मे अमरीकन ऑनलाइन ने अचानक ये वेबसाइट बंद करने का फैसला किया। इसके साथ ही सैकड़ों लेखकों, संपादकों का काम-काज हवा में उड़ गया। वेबसाइट बंद यानी इस पर मौजूद हर दस्तावेज का खात्मा।

    डिजिटल इतिहास को सहेजने की चुनौती

    demo
    demo - फोटो : Pixr8

    आज की तारीख में अमरीकन ऑनलाइन के इस वेबपेज की कुछ ही चीजें बची हैं, जिनका जिक्र दूसरी वेबसाइट्स पर किया गया था। यानी इंटरनेट की दुनिया का इतिहास बड़ी तेजी से मिट रहा है। अच्छी बात है कि कुछ लोगों को इस डिजिटल इतिहास को सहेजने की फिक्र हो रही है। अमरीका के सैन फ्रांसिस्को शहर की कंपनी इंटरनेट आर्काइव ऐसी बंद होती वेबसाइट और इंटरनेट पर खत्म होते पन्नों को सहेजने का काम करती है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक के आख़िरी दिनों में कंप्यूटर इंजीनियर ब्रयूस्टर काहले ने की थी। ये उन गिने-चुने संगठनों में से एक है जो इंटरनेट के इतिहास को सहेजने का काम कर रही हैं। पुरानी वेबसाइट, बंद होने वाले वेब पेज और इंटरनेट पर मौजूद पुराने कंटेंट को संजोने का काम मुश्किल और खर्चीला दोनों ही है।

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