संसद में उठा विजयनगर का मुद्दा: भारत के 'पहले गांव' में मोबाइल नेटवर्क पहुंचाएगी सरकार, सिंधिया ने दिया भरोसा
अरुणाचल प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र विजयनगर में मोबाइल नेटवर्क की समस्या अब जल्द ही खत्म होगी। लोकसभा में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि सरकार सीमावर्ती गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने और 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत हर गांव तक इंटरनेट पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

विस्तार
अरुणाचल प्रदेश के सुदूर पूर्वी छोर पर बसे विजयनगर की किस्मत अब बदलने वाली है। बुधवार को लोकसभा में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि केंद्र सरकार देश के हर एक गांव तक मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी पहुंचाने के संकल्प पर काम कर रही है।
संसद में उठा खराब टेलीकॉम सेवाओं का मुद्दा
अरुणाचल पूर्व से भाजपा सांसद तापिर गाओ ने संसद में विजयनगर की खराब टेलीकॉम सेवाओं का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय लोगों के साथ-साथ वहां तैनात भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी बात करने और इंटरनेट चलाने के लिए भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
'भारत का पहला गांव' और उसकी चुनौतियां
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विजयनगर के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए बताया कि इसे 1965 में मेजर जनरल अजीत सिंह गुरया ने बसाया था और इसे 'भारत का पहला गांव' माना जाता है। उन्होंने स्वीकार किया कि चांगलांग जिले का यह प्रशासनिक केंद्र फिलहाल 'डिजिटल अंधेरे' की चपेट में है, जिससे ऑनलाइन शिक्षा, बैंकिंग और जरूरी डिजिटल सेवाओं में रुकावट आती है।
हालांकि, सिंधिया ने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाने में व्यावहारिक दिक्कतें हैं। विजय नगर के कुछ हिस्से ईटानगर वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंतर्गत आते हैं, जिससे बुनियादी ढांचा तैयार करने में पर्यावरणीय प्रतिबंध आड़े आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, जिसके चलते परियोजना को आगे बढ़ाने में देरी हो रही है।
‘डिजिटल अंधेरे’ में प्रशासनिक केंद्र
विजय नगर एक प्रशासनिक सर्कल के रूप में काम करता है, लेकिन इसके बावजूद यहां के लोग वर्षों से भरोसेमंद मोबाइल नेटवर्क और हाई-स्पीड इंटरनेट से वंचित हैं। स्थानीय लोगों और अधिकारियों के मुताबिक, यह क्षेत्र अब भी स्थिर मोबाइल कनेक्टिविटी और इंटरनेट से दूर है। कमजोर कनेक्टिविटी के कारण यहां ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग, सरकारी सेवाओं और अन्य जरूरी ऑनलाइन सुविधाओं तक पहुंच बेहद सीमित है।
सेना और स्थानीय नागरिकों को भी दिक्कत
सांसद तापिर गाओ ने चर्चा के दौरान यह भी बताया कि विजय नगर में तैनात भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी संचार संबंधी गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग की।
सांसद के मुताबिक, राज्य सरकार ने डिजिटल भारत निधि योजना के तहत कई सीमावर्ती गांवों तक 4G कनेक्टिविटी पहुंचाई है। लेकिन विजय नगर जैसे बेहद दुर्गम इलाकों को अभी भी इन पहलों का पूरा लाभ नहीं मिल सका है।
'वाइब्रेंट विलेज' से बदलेगी तस्वीर
दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भरोसा दिलाया कि केंद्र की 'वाइब्रेंट विलेज योजना' के तहत इन सीमावर्ती क्षेत्रों के जीवन स्तर को सुधारने और रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि राज्य सरकार 'डिजिटल भारत निधि' के तहत 4G नेटवर्क फैला रही है, लेकिन विजयनगर जैसे दुर्गम इलाकों को अब प्राथमिकता पर रखा जाएगा।
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