Tech History: 42 साल पहले टेक वर्ल्ड के बादशाह ने देख लिया था भविष्य, अब जाकर सच हुई एक-एक बात
Steve Jobs Predictions About AI:
करीब चार दशक पहले, जब दुनिया कंप्यूटर को सिर्फ कैलकुलेशन मशीन मानती थी, तब स्टीव जॉब्स ने ऐसी तकनीक की कल्पना की थी जो इंसानों की तरह सोच सके और सवालों के जवाब दे सके। आज दौर में भी उनकी एक भविष्यवाणी पूरी तरह सच साबित हो चुकी है।

विस्तार
पिछले कुछ दशकों में दुनिया भर में कई ऐसे टेक इनोवेशन हुए जो आज धरती पर रहने वाले हर एक इंसान के जीवन में गहरा प्रभाव डाल रहा है। फिर चाहे वह इंटरनेट हो, कंप्यूटर या सोशल मीडिया। आज हम अपने हर काम के लिए कहीं न कहीं टेक्नोलॉजी पर भारी निर्भरता रखते हैं। तकनीक हमेशा वर्तमान में जन्म लेता है और भविष्य को बदलने की काबिलियत रखता है। हाल ही में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। लोग अपने पर्सनल काम के साथ-साथ प्रोफेशनल काम के लिए भी एआई की मदद ले रहे हैं। वहीं, अब टेक्नोलॉजी के क्षेत्र से जुड़ी हर कंपनी में एआई को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि लगभग 40 साल पहले ही एक शख्स ने एआई की आने की भविष्यनाणी कर दी। ऐसे करने वाला शख्स कोई और नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे लोकप्रिय स्मार्टफोन कंपनी Apple के फाउंडर स्टीव जॉब्स थे। तो चलिए पूरा किस्सा जानते हैं।
यह भी पढ़ें: दुनिया की ये 10 कंपनियां बनाती हैं सबसे ज्यादा चिप, दूर-दूर तक नहीं है चीन-जापान का नाम
1983 का वह इवेंट, जहां जॉब्स ने देख लिया था भविष्य
साल 1983 में अमेरिका के एस्पेन शहर में आयोजित एक बड़े डिजाइन सम्मेलन में स्टीव जॉब्स ने ऐसा भाषण दिया जिसने तकनीक की दिशा ही बदल दी। उस समय कंप्यूटर कुछ ही घरों में प्रवेश कर रहे थे और इंटरनेट शब्द भी काफी नया था। इसी दौर में जॉब्स ने कहा था कि आने वाले 50 से 100 वर्षों में ऐसी मशीनें बनाई जाएंगी जो किसी महान इंसान की सोच को अपने भीतर समाहित कर लेंगी। उन्होंने किताब की उपयोगिता का उदाहरण देते हुए बताया कि किताबें ज्ञान तो देती हैं, लेकिन सवालों का जवाब नहीं दे पातीं। इस वजह से व्यक्ति से उसका संवाद एकतरफा होता है। जबकि भविष्य की मशीनें न सिर्फ जानकारी देंगी, बल्कि मनचाहे सवालों के जवाब भी देंगी और किताबों से कहीं अधिक उपयोगी साबित होंगी।

अपने भाषण के दौरान जॉब्स ने एक दिलचस्प उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि अगर भविष्य में कोई महान दार्शनिक जैसे अरस्तू अपनी पूरी जिंदगी का अनुभव किसी मशीन में रिकॉर्ड कर दें, तो उनकी मौत के बाद भी हम उस मशीन से पूछ सकेंगे, "इस सवाल पर अरस्तू क्या कहते?" आज AI ठीक वही कर रहा है। वो लोगों को उन महान विचारकों की सोच और शैली में जवाब देता है जो अब इस दुनिया में नहीं हैं।
AI मॉडल्स ने पूरी कर दी जॉब्स की भविष्यवाणी
आज ChatGPT, Gemini और Perplexity जैसे बड़े भाषा मॉडल सचमुच वही काम कर रहे हैं जिसे जॉब्स ने दशकों पहले कल्पना में देखा था। हम विज्ञान, दर्शन, इतिहास या किसी भी विषय पर सवाल पूछें, ये मॉडल लाखों किताबें और अरबों शब्दों से सीखे ज्ञान के आधार पर विश्लेषणात्मक जवाब देते हैं। स्टीव जॉब्स की कल्पना आज 42 साल बाद पूरी तरह हकीकत बन चुकी है।
यह भी पढ़ें: नया फीचर लगाएगा फेक अकाउंट्स पर लगाम, अब नहीं छिपा पाएंगे असली लोकेशन
जॉब्स की दूसरी भविष्यवाणियां भी हुई थीं सही
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि स्टीव जॉब्स हमेशा तकनीक के भविष्य को पहले ही पहचान लेते थे। जब दुनिया कंप्यूटर को सिर्फ गणना करने वाली मशीन मानती थी, तब उन्होंने कंप्यूटर के भविष्य को देख लिया था। उनका मानना था कि आने वाले समय में लोगों के पास अपना पर्सनल कंप्यूटर होगा जिसे एक जगह से दूसरे जगह ले जाना आसान होगा। आज के दौर में लैपटॉप पर्सनल कंप्यूटर इसका जीता-जागता उदाहरण है। जब फोन सिर्फ कॉलिंग का साधन था, तब उन्होंने आईफोन बनाकर पूरी दुनिया को बदल दिया। AI के मामले में भी उनकी दूरदर्शिता आज पूरी तरह सच होकर सामने खड़ी है।