Chip Makers: दुनिया की ये 10 कंपनियां बनाती हैं सबसे ज्यादा चिप, दूर-दूर तक नहीं है चीन-जापान का नाम
Top-10 Chip Making Companies:
दुनिया की सबसे बड़ी AI चिप मेकर कंपनी Nvidia ने जुलाई-सितंबर तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा और रेवेन्यू दर्ज कर बाजार को चौंका दिया। इसके बाद वैश्विक AI चिप इंडस्ट्री पर फिर नजर गई, जिसमें अमेरिका का स्पष्ट दबदबा दिखा। जानिए टॉप-10 कंपनियां कौन हैं।

विस्तार
दुनिया की अग्रणी AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia ने अपनी जुलाई–सितंबर तिमाही के नतीजे जारी करते ही वैश्विक बाजार में तहलका मचा दिया। कंपनी ने 57 अरब डॉलर का रिकॉर्ड रेवेन्यू और 31.9 अरब डॉलर का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो स्टॉक मार्केट के अनुमानों से काफी अधिक रहा। मजबूत परफॉर्मेंस के चलते कंपनी की मार्केट कैपिटल भी उछलकर 402 लाख करोड़ रुपये (4.53 ट्रिलियन डॉलर) तक पहुंच गई।
नतीजों के बाद जब टॉप AI चिप मेकर कंपनियों की वैश्विक सूची देखी गई, तो एक बार फिर अमेरिका की तकनीकी पकड़ साफ दिखी। दुनिया की टॉप 10 AI चिप कंपनियों में से 6 अमेरिका की हैं। इसके अलावा, दक्षिण कोरिया की 2 कंपनियां, ताइवान की 1 कंपनी और नीदरलैंड्स की 1 कंपनी शामिल है।
| क्रम. सं. | कंपनी का नाम | मार्केट कैप (लाख करोड़ में) | देश |
|---|---|---|---|
| 1. | एनवीडीया | 402.852 | अमेरिका |
| 2. | ब्रॉडकॉम | 148.227 | अमेरिका |
| 3. | टीएसएमसी | 129.702 | ताइवान |
| 4. | सैमसंग | 41.235 | द. कोरिया |
| 5. | एएसएमएल | 35.727 | नीदरलैंड्स |
| 6. | एएमडी | 32.232 | अमेरिका |
| 7. | एसके हाइनिक्स | 24.539 | द. कोरिया |
| 8. | माइक्रॉन टेक्नोलॉजीज | 22.458 | अमेरिका |
| 9. | लैम रिसर्च | 16.618 | अमेरिका |
| 10. | अप्लाइड मैटेरियल्स | 16.589 | अमेरिका |
एनवीडिया: दुनिया के सबसे बड़ा AI चिप ब्रांड बनने का सफर
एनवीडिया की वेबसाइट के अनुसार, जेन्सेन हुआंग (Jensen Huang) ने 1993 में Nvidia की नींव रखी। शुरुआत से ही वे कंपनी के प्रेसिडेंट, CEO और बोर्ड के सदस्य रहे हैं। कंपनी ने एक्सेलरेटेड कंप्यूटिंग के क्षेत्र में कई बड़े इनोवेशन किए। 1999 में GPU (Graphics Processing Unit) के आविष्कार ने PC गेमिंग इंडस्ट्री बदल दी। इस इनोवेशन ने कंप्यूटर ग्राफिक्स को नया आकार दिया और मॉडर्न AI के युग की नींव रखी।
आज Nvidia जेनरेटिव AI और हाई-परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग का सबसे बड़ा ग्लोबल इंजन बन चुका है, जिसकी टेक्नोलॉजी हेल्थकेयर से लेकर ऑटोमेशन और स्पेस रिसर्च तक हर इंडस्ट्री को प्रभावित कर रही है।