WhatsApp Ban: आखिर क्यों रूस में वाट्सएप पर मंडरा रहा बैन का खतरा, जानिए रूस में कंपनी के लिए क्या चुनौती
रूस की सरकारी संचार निगरानी संस्था वाट्सएप पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। जानें इसके पीछे की वजह..

विस्तार
रूस के सरकारी संचार निगरानी संस्था रोस्कोमनाडजाेर ने वाट्सएप को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, नियामक ने कहा है कि अगर वाट्सएप रूसी कानूनों की शर्तों को पूरा नहीं करता, तो इसे पूरी तरह से देश में प्रतिबंधित किया जा सकता है। रूस सरकार ने यह कदम कई महीनों से विदेशी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ते प्रतिबंधों व दबाव के बाद उठाया है। जिससे रूस में सुरक्षित डिजिटल संचार का भविष्य अधर में लटक गया है।
वाट्सएप पर क्यों मंडरा रहा है खतरा?
रोस्कोमनाडजोर का कहना है कि वाट्सएप जानबूझकर उन रूसी कानूनों की अनदेखा कर रहा है जो अपराध रोकने के लिए बनाए गए हैं। नियामक का आरोप है कि इस प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग आतंकी हमलों को आयोजित करने और आतंकियों की भर्ती के लिए किया जा रहा है।
अगस्त में हुई कार्रवाई के बाद यह आरोप और गहरा हो गया है। उस समय रोस्कोमनाडजोर ने वाट्सएप व टेलीग्राम दोनों पर वॉइस व वीडियो कॉल की गति सीमित करने का आदेश दिया था। इसे उसने धोखाधड़ी से बचने का उपाय बताया।दूसरी ओर, वाट्सएप ने मॉस्को पर आरोप लगाए हैं। इसका कहना है कि वह लाखों रूसियों को सुरक्षित संचार से वंचित करना चाहता है, लेकिन मॉस्को टाइम्स का कहना है कि वाट्सएप अभी भी रूस का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग एप बना हुआ है।
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क्या है MAX एप
MAX रूस का एक सरकारी मैसेजिंग एप है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने जून में इस सरकारी को एप बनाने से जुड़े कानून पर हस्ताक्षर किया था। इसे अब जोर-शोर से तैयार किया जा रहा है। रूस की सरकार चाहती है कि वहां के नागरिक वाट्सएप का उपयोग करने के बजाय MAX का इस्तेमाल करें। यह एप सरकारी नियंत्रण वाली कंपनी VK Co. की ओर से विकसित किया गया है और इसे चीन के सफल प्लेटफॉर्म वीचैट की तर्ज पर बनाया गया है।
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रूस की सरकार मैक्स में मैसेजिंग, बैंकिंग, दस्तावेज संग्रहण व अन्य सार्वजनिक व व्यावसायिक सुविधाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत करना चाहती है। वहां की सरकारी मीडिया मैक्स को स्कूलों, विश्वविद्यालयों व सरकारी संस्थानों के लिए सुरक्षित प्लेटफॉर्म बता रहा है। इतना ही नहीं अब रूस में बिकने वाले हर स्मार्टफोन व कंप्यूटर में इसे पहले से इंस्टॉल करना अनिवार्य कर दिया गया है। कई नागरिक मैक्स एप की आलोचना भी कर रहे हैं। आलोचकों को डर है कि इस एप से सरकार को यूजर पर सीधे नजर रखने में मदद मिलेगी, हालांकि सरकारी मीडिया इस बात को लगातार खारिज कर रही है।
विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर दबाव के बाद वाट्सएप पर आया खतरा
2022 में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद से, रूस ने अपने क्षेत्रीय नियंत्रण से बाहर काम करने वाले विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया है। फेसबुक व इंस्टाग्राम के साथ वह एक्स (पूर्व ट्विटर) पहले ही पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। यूट्यूब की गति भी धीमी की जा रही है। बाइटडांस के टिकटॉक की लोकप्रियता भी रूस में घटी है, क्योंकि उसने रूसी यूजर्स के लिए विदेशी कंटेंट और लाइवस्ट्रीम दिखाना सीमित कर दिया है। वर्तमान मेंवाट्सएप पर आया यह खतरा उसी व्यापक सरकारी रणनीति का हिस्सा है।
रूस की सरकार ने वाट्सएप पर नियंत्रण के लिए तकनीकी घेराबंदी भी की है। अक्तूबर में रूसी मीडिया से खबर आई थी कि मोबाइल ऑपरेटर्स को वाट्सएप पर रजिस्टर या लॉग-आउट करने की कोशिश करने वाले यूजर्स को एसएमएस कोड भेजने का निर्देश दिया गया है।
यह एक महत्वपूर्ण कदम था, क्योंकि एसएमएस के बिना लॉगिन करना असंभव हो जाता। इस कदम के जवाब में वाट्सएप ने तुरंत रूसी यूजर्स के लिए पासकी आधारित लॉगिन सुविधा शुरू की। पासकी सुविधा एसएमएस कोड की निर्भरता को खत्म करती है और यूजर्स को बायोमेट्रिक्स या पिन के माध्यम से सुरक्षित रूप से लॉगिन करने की अनुमति देती है, जिससे रूसी ऑपरेटर्स का नियंत्रण बाईपास हो जाता है।
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