Repair Rating: फोन रिपेयरिंग के लिए कंपनियों को देनी होगी रेटिंग, ग्राहकों को होंगे ये फायदे

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 03 May 2025 03:52 PM IST
सार

रिपेयरबिलिटी इंडेक्स यानी किसी उत्पाद को कितनी आसानी से और कितनी लागत में मरम्मत किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोग किए जा सकने वाले विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
Repair Rating Companies will have to give rating for phone repair customers will get these benefits
smartphone repair - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    स्मार्टफोन और टैबलेट्स की मरम्मत को लेकर उपभोक्ताओं को आ रही समस्याओं के बीच सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा गठित एक समिति ने सिफारिश की है कि मोबाइल और टैबलेट निर्माता कंपनियां (OEMs) 'रिपेयरबिलिटी इंडेक्स' को स्वयं घोषित करें, ताकि उपभोक्ता सूझ-बूझ के साथ खरीदारी का निर्णय ले सकें। समिति की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियों को अपने उत्पादों के लिए यह इंडेक्स पहले से घोषित करना होगा, जिससे उपभोक्ताओं को यह जानने में आसानी होगी कि कौन-सा डिवाइस मरम्मत योग्य है और कौन-सा नहीं।

    रिपेयरबिलिटी इंडेक्स यानी किसी उत्पाद को कितनी आसानी से और कितनी लागत में मरम्मत किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को टिकाऊ और लंबे समय तक उपयोग किए जा सकने वाले विकल्प चुनने में मदद मिलेगी।

    विज्ञापन
    • इन बातों पर होगा मूल्यांकन
    • डिसअसेंबली डैप्थ (उत्पाद को खोलने की जटिलता)
    • मरम्मत से संबंधित जानकारी की उपलब्धता
    • स्पेयर पार्ट्स की समय पर उपलब्धता
    • सॉफ्टवेयर अपडेट्स
    • आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता
    • फास्टनर्स (जोड़ने वाले पुर्जों) की प्रकार और उपलब्धता

    इन सभी मानकों को स्कोर किया जाएगा और फिर एक 5-बिंदु अंक पैमाने (1 से 5) पर रिपेयरबिलिटी इंडेक्स तय किया जाएगा।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    समिति ने सुझाव दिया है कि यह इंडेक्स दुकानों पर, ई-कॉमर्स साइटों पर और उत्पाद की पैकिंग पर QR कोड के रूप में दिखाया जाए, ताकि उपभोक्ता आसानी से इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें। नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) के आंकड़े बताते हैं कि मोबाइल और टैबलेट्स की मरम्मत से जुड़ी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। डिवाइस रिपेयरिंग को लेकर 2022-23 में 19,057, 2023-24 में 21,020, 2024-25 में अब तक 22,864 शिकायतें मिली हैं।

    और पढ़ें...
    Login or Signup
    अपना शहर चुनें