अजीब बात है: जांच चल रही है Google के खिलाफ, टेंशन में आ गया Mozilla ब्राउजर

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 03 May 2025 02:18 PM IST
सार

अगर यह फंडिंग खत्म हो गई, तो Mozilla को कंपनीभर में बड़े पैमाने पर कटौती करनी पड़ेगी। खासकर Firefox के इंजीनियरिंग विभाग में। म्यूलहाइम ने चेतावनी दी कि इससे Firefox की गुणवत्ता में गिरावट आ सकती है और यह ब्राउजर एक "डाउनवर्ड स्पाइरल" में चला जाएगा जो अंततः उसके पूरी तरह बंद होने का कारण बन सकता है।

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Strange thing Investigation is going on against Google Mozilla browser is in tension
Chrome and Mozilla - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    अमेरिका में Google के खिलाफ चल रहे ऐतिहासिक एंटीट्रस्ट मामले ने टेक जगत में हलचल मचा दी है। अमेरिकी न्याय विभाग ने सर्च इंजन बाजार में Google की दबदबे को कम करने के लिए कुछ कठोर कदमों की सिफारिश की है, जिनमें Google का Chrome ब्राउजर बेचने की संभावना भी शामिल है।

    Google के CEO सुंदर पिचाई ने चेतावनी दी है कि अगर Chrome को टुकड़ों में बांटा गया, तो मौजूदा रूप में Google सर्च का अंत हो सकता है। अब Mozilla, जो Firefox ब्राउजर के लिए जाना जाता है ने भी चिंता जताई है कि अगर अदालत ने न्याय विभाग के सभी प्रस्तावों को मंजूरी दी, तो Mozilla का अस्तित्व ही संकट में आ जाएगा।

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    Mozilla के मुख्य वित्त अधिकारी एरिक म्यूलहाइम ने शुक्रवार को अदालत में कहा, “यह स्थिति बेहद डरावनी है।” The Verge की रिपोर्ट के मुताबिक, Firefox को मिलने वाला अधिकांश राजस्व Google के साथ उसकी साझेदारी से आता है। Google Firefox में डिफॉल्ट सर्च इंजन बनने के लिए भुगतान करता है। यह डील Mozilla की लगभग 85% आय और इसकी फॉर-प्रॉफिट सब्सिडियरी के 90% राजस्व का स्रोत है।

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