भारत में बढ़ रहे रैनसमवेयर अटैक, बचाव में उठाए जा रहे कई कदम, सरकार ने लोकसभा में दिया जवाब
साइबर हैकर्स इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच हासिल करने के लिए ज्ञात कमजोरियों, रिमोट एक्सेस सर्विस और फिशिंग की मदद ले रहे हैं।

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गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने मंगलवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि सरकार साइबर सुरक्षा खतरों से परिचित है और ऐसे खतरों का मुकाबला करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि रैनसमवेयर इकोसिस्टम कई प्रकार के हमले कैंपेन की मदद से विकसित हो रहा है। केंद्रीय मंत्री ने एक सदस्य के लिखित उत्तर में सदन को यह जानकारी दी है। बता दें कि देश में लगातार रैनसमवेयर अटैक के मामले सामने आ रहे हैं।
गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा से जब पूछा गया कि क्या सरकार अभियानों के लिए डार्क नेट, मेटावर्स, डीप फेक, रैंसमवेयर और टूलकिट-आधारित गलत सूचना का उपयोग करने वाले साइबर अपराधियों से उत्पन्न खतरों से अवगत है। इसके जवाब में केंद्रीय मंत्री अजय कुमार मिश्रा ने कहा कि सरकार साइबर सुरक्षा खतरों से परिचित है और उनसे मुकाबला करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि साइबर हैकर्स इंफ्रास्ट्रक्चर तक पहुंच हासिल करने के लिए ज्ञात कमजोरियों, रिमोट एक्सेस सर्विस और फिशिंग की मदद ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी), क्राइम इन इंडिया में अपराधों पर सांख्यिकीय डाटा पब्लिश करता है लेकिन इस संबंध में एनसीआरबी के पास विशिष्ट डाटा नहीं है। राज्य मंत्री के अनुसार, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 39,200 से अधिक पुलिस अधिकारी रजिस्टर्ड हैं और 19,550 से अधिक सर्टिफिकेट पोर्टल के माध्यम से जारी किए गए हैं।
गृह राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ने साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने के लिए CERT-in को राष्ट्रीय एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। CERT-in विभिन्न क्षेत्रों के संगठनों के साथ सक्रिय खतरे को कम करने के लिए काम कर रही है। एजेंसी खतरे का एनालिसिस करने के साथ-साथ जरूरी अलर्ट भी जारी करती है।