Railyatri के सात लाख पैसेंजर का डाटा लीक, डेबिट कार्ड समेत कई डीटेल हुईं सार्वजनिक

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 24 Aug 2020 04:27 PM IST
सार
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Railyatri Security Flaw Exposed Debit Cards UPI Data of 7 Lakh Indian railway and bus Passengers
Railyatri Security Flaw - फोटो : amarujala

    विस्तार

    कोरोना संक्रमण फैलने के बाद साइबर क्राइम में दिन-प्रतिदिन इजाफा हुआ है। आए दिन हैकर्स फोरम पर लोगों की निजी जानकारियों के लीक होने की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि इस तरह की क्राइम में कहीं-ना-कहीं उस संस्थान की भी कमी रहती है जिसका डाटा लीक होता है।

    अब RailYatri के सर्वर में सेंध लगने की खबर है। एक साइबर सिक्योरिटी फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक रेलयात्री ने अनसिक्योर सर्वर पर लोगों का डाटा रखा था जिसका फायदा उठाकर हैकर्स ने इस घटना को अंजाम दिया है। लीक हुए डाटा में टिकट बुक करने वालों की लोकेशन, यूपीआई आईडी, पेमेंट लॉगिन, बस बुकिंग, ई-मेल एड्रेस, नाम और कॉन्टेक्ट नंबर्स जैसी जानकारियां शामिल हैं।

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    Safety Detectives नाम की सिक्योरिटी फर्म ने कहा है कि रेलयात्री के सर्वर से 7 लाख से अधिक पैसेंजर्स की निजी जानकारी लीक हुई है जिनमें पेमेंट डीटेल से लेकर नाम और टिकट बुकिंग डीटेल्स समेत कई जानकारी शामिल हैं। इस डाटा लीक में पैसेंजर्स क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी लीक हुई है।

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    इस लीक के बारे में फर्म ने 10 अगस्त को ही जानकारी दी थी। सिक्योरिटी फर्म का कहना है कि रेलयात्री ने अनएंक्रिप्टेड और बिना पासवर्ड वाले सर्वर पर यूजर्स का डाटा रखा था। लीक हुए डाटा की साइज करीब 43 जीबी है। लीक डाटा में अधिकतर डाटा भारतीय लोगों की है।

    इस डाटा लीक पर रेलयात्री ने अपनी सफाई दी है और कहा है, 'रेलयात्री में, हम अपने यूजर-बेस की सुरक्षा और गोपनीयता को गंभीरता से लेते हैं और जैसे ही इस मुद्दे को CERT-in (भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) द्वारा एक सप्ताह पहले हमारे संज्ञान में लाया गया, हमारी टीम ने तुरंत एक्शन लिया। हमारे जिस सर्वर से डाटा लीक की बात हो रही है कि एक टेस्ट सर्वर है जिसे कुछ डाटा थे जिन्हें कॉपी किया गया था। हमारे प्रोटोकॉल के मुताबिक 24 घंटे से अधिक पुराने किसी भी डाटा को सर्वर से स्वचालित रूप से हटा दिया जाता है। इसके अलावा, हम यह स्पष्ट करना चाहेंगे कि 3 दिनों में लीक हुए 7,00,000 ईमेल पते का सुझाव देना तथ्यात्मक रूप से गलत है क्योंकि ऐसा होना असंभव है।'

    बीते 12 अगस्त को सर्वर पर Meow बॉट ने अटैक किया था जिसने पूरे सर्वर डाटा को डिलीट कर दिया था। बता दें कि Meow बॉट एक नए टाइप का साइबर अटैक है जो Elasticsearch, Redis और MongoDB जैसे अनसिक्योर सर्वर को डिलीट कर देता है।

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