Bhashini: प्रधानमंत्री मोदी ने SCO समिट में पेश किया एआई आधारित भाषिणी प्लेटफॉर्म, जानें इसके बारे में सबकुछ
एआई-आधारित अनुवाद टूल को पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की। भाषिणी को सबसे पहले पिछली साल जुलाई में लॉन्च किया गया था।

विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए एआई-आधारित भाषा मंच ‘भाषिणी’ को पेश किया। ऑनलाइन शिखर सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भाषा संबंधी बाधाओं से निपटने के लिए हमें सभी के लिए एआई-आधारित भाषा मंच, भाषिणी को पेश करते हुए खुशी हो रही है।
वर्चुअल एससीओ में पेश हुआ भाषिणी प्लेटफॉर्म
भारतीय एआई-आधारित भाषा प्लेटफॉर्म को वर्चुअल शंघाई सहयोग संगठन समिट में पेश किया गया है। एआई-आधारित अनुवाद टूल को पेश करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा, "हमें एससीओ के भीतर भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करने के लिए भारत के एआई-आधारित भाषा प्लेटफॉर्म भाषिणी को सभी के साथ शेयर करने में खुशी होगी। यह समावेशी विकास के लिए डिजिटल टेक्नोलॉजी के एक उदाहरण के रूप में काम कर सकता है।"
क्या है भाषिणी प्लेटफॉर्म?
भाषिणी को सबसे पहले पिछली साल जुलाई में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे राष्ट्रीय भाषा टेक्नोलॉजी मिशन (एनएलटीएम) के भाषा टेक्नोलॉजी में समाधान प्रदान करने के लिए तहत डेवलप किया गया है। स्थानीय भाषा अनुवाद मिशन का उद्देश्य विभिन्न भारतीय भाषाओं के बीच बाधाओं को तोड़ने के लिए वर्तमान तकनीक का उपयोग करना है। यह सरकारी पोर्टल भारतीय एमएसएमई, स्टार्टअप और व्यक्तिगत इनोवेटर्स द्वारा उपयोग के लिए एआई और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (एनएलपी) मैटेरियल को सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कराने का काम करता है।
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