NVIDIA सीईओ का बड़ा दावा: AI डेटा सेंटर से भारत में आएगा जॉब बूम, कई क्षेत्रों में बढ़ेंगी नौकरियां
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सेंटर भारत में रोजगार का नया दौर शुरू कर सकते हैं। NVIDIA के सीईओ जेन्सन हुआंग का कहना है कि जैसे इंटरनेट ने लाखों नौकरियां पैदा कीं, वैसे ही AI डेटा सेंटर भी निर्माण से लेकर स्टार्टअप्स तक बड़े पैमाने पर रोजगार देंगे।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर, खासतौर पर डेटा सेंटर, भारत में इंटरनेट युग जैसा बड़ा रोजगार बूम ला सकता है। NVIDIA के CEO जेन्सन हुआंग ने कहा है कि AI डेटा सेंटर न सिर्फ टेक सेक्टर, बल्कि निर्माण, सप्लाई चेन और सर्विस इंडस्ट्री तक लाखों नौकरियों के अवसर पैदा करेंगे। अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित '3D एक्सपीरियंस वर्ल्ड' इवेंट के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआंग ने कहा कि एक डेटा सेंटर के निर्माण में ही 5,000 से 10,000 लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है। इसमें इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, निर्माण श्रमिक और तकनीकी कर्मचारी शामिल होते हैं।
डेटा सेंटर से क्रिएट होंगी कई तरह की नौकरियां
उन्होंने बताया कि असली रोजगार सिर्फ साइट पर काम करने वालों तक सीमित नहीं रहता। डेटा सेंटर से जुड़ी सप्लाई चेन जैसे पाइप, कंक्रीट, डिजाइन, आर्किटेक्चर, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में भी बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलता है। इसके अलावा, डेटा सेंटर शुरू होने के बाद उसके ऑपरेशन और उस पर आधारित स्टार्टअप्स के जरिए भी लगातार नई नौकरियां पैदा होती हैं।
अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित '3D एक्सपीरियंस वर्ल्ड' इवेंट के दौरान प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुआंग ने कहा कि एक डेटा सेंटर के निर्माण में ही 5,000 से 10,000 लोगों को सीधे रोजगार मिल सकता है। इसमें इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, निर्माण श्रमिक और तकनीकी कर्मचारी शामिल होते हैं।
डेटा सेंटर से क्रिएट होंगी कई तरह की नौकरियां
उन्होंने बताया कि असली रोजगार सिर्फ साइट पर काम करने वालों तक सीमित नहीं रहता। डेटा सेंटर से जुड़ी सप्लाई चेन जैसे पाइप, कंक्रीट, डिजाइन, आर्किटेक्चर, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट में भी बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलता है। इसके अलावा, डेटा सेंटर शुरू होने के बाद उसके ऑपरेशन और उस पर आधारित स्टार्टअप्स के जरिए भी लगातार नई नौकरियां पैदा होती हैं।
हुआंग ने इंटरनेट के उदाहरण से समझाते हुए कहा कि भारत में इंटरनेट ने अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों स्तरों पर जबरदस्त रोजगार पैदा किया। उनका मानना है कि AI और डेटा सेंटर भी बिल्कुल वैसा ही असर डाल सकते हैं।
बजट में क्लाउड कंपनियों को बड़ी राहत
यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय बजट 2026 में विदेशी क्लाउड कंपनियों के लिए बड़ा एलान किया गया है। बजटीय प्रस्ताव के मुताबिक, अगर कोई विदेशी कंपनी भारत में डेटा सेंटर्स लगाकर पूरी दुनिया को क्लाउड सर्विस देती है, तो उसे 2047 तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। यह भारत को दुनिया का 'डेटा हब' बनाने के लिए किया गया है। सरकार का यह कदम भारत को ग्लोबल डेटा और AI हब बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। बजट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि विदेशी कंपनियों को भारत में सेवाएं देने के लिए एक भारतीय रीसेलर या पार्टनर के जरिए काम करना होगा। इसके अलावा, भारतीय पार्टनर कंपनियों पर 15 प्रतिशत ‘सेफ हार्बर’ नियम लागू किया जाएगा, जो अधिकतम 2000 करोड़ रुपये तक होगा। यानी अगर कंपनी इतना मुनाफा दिखाती है, तो टैक्स विभाग उनके हिसाब-किताब पर कोई सवाल नहीं उठाएगी।
बजट में इस प्रसताव से Google, Microsoft और Amazon जैसी बड़ी कंपनियां भारत में और ज्यादा निवेश करेंगी, जिससे नौकरियां बढ़ेंगी। अनुमान है कि वैश्विक डेटा सेंटर बाजार 2026 में 430 अरब डॉलर से बढ़कर 2035 तक 1 ट्रिलियन डॉलर से भी अधिक का हो सकता है। इस दौरान एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेज ग्रोथ देखने को मिलेगी। ऐसे में 2047 तक टैक्स-न्यूट्रल हब के रूप में भारत को पेश करना सरकार की रणनीतिक दृष्टिकोण से है।
भारत में
₹7.5 लाख करोड़ के निवेश का अनुमान
हाल ही के दिनों में भारत में डेटा सेंटर के क्षेत्र में निवेश तेजी से बढ़ रहा है। गूगल ने अक्टूबर में आंध्र प्रदेश में AI डेटा सेंटर प्रोजेक्ट में 15 अरब डॉलर (लगभग ₹1.3 लाख करोड़) निवेश करने की घोषणा की है। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट से लगभग 1.88 लाख नौकरियां पैदा होंगी। वहीं माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने भी भारत में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए 17.5 अरब डॉलर (लगभग ₹1.58 लाख करोड़) के निवेश का एलान किया है।
अमेजन ने भी भारत में डेटा सेंटर सेक्टर में ₹2.9 लाख करोड़ खर्च करने की योजना बनाई है। इससे साफ है कि आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर भारत की रोजगार और डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन सकते हैं। कुल मिलाकर भारत में इस क्षेत्र में लगभग 90 बिलियन डॉलर (करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये) के निवेश का अनुमान है।
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