भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की सुरक्षा में बड़ी चूक, मिलीं 40 से अधिक खामियां

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम या एनपीसीआई में पिछले साल बड़ी सेंध लग सकती थी। इसका खुलासा एनपीसीआई के एक सरकारी ऑडिट में हुआ है। इस ऑडिट के कागजात समाचार एजेंसी रॉयटर्स को मिले हैं। इस ऑडिट से पता चला है कि साल 2019 में एनपीसीआई पर 40 से अधिक बार एनपीसीआई का डाटा बेस असुरक्षित रहा है यानी इस दौरान कोई भी साइबर अटैक हो सकता था। यह ऑडिट नवंबर 2018 से फरवरी 2019 के बीच हुआ था।
ऑडिट रिपोर्ट से पता चला है कि एनपीसीआई की वेबसाइट पर डिजिटल पेमेंट करने वाले लोगों के 16 अंकों के कार्ड नंबर, नाम, खातों के नंबर और राष्ट्रीय पहचान नंबर आदि जैसी निजी जानकारियों का डाटाबेस प्लेन टेक्स्ट में रखा गया था। ऐसे में कोई भी आम आदमी लोगों की निजी जानकारियां प्राप्त कर सकता था।
बता दें कि साइबर हमलों को कम करने के लिए यह ऑडिट हर साल होता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि असुरक्षा को जांचने के लिए ही यह ऑडिट किया जाता है और फिर सामने आए नतीजों के आधार पर डाटाबेस को सुरक्षित किया जाता है। इस ऑडिट के लिए 10-12 लोगों की टीम गठित की गई है जो मुंबई स्थित इसके मुख्यालय में बैठती है।
एनपीसीआई का गठन साल 2008 में हुआ था और यह गैर लाभकारी संस्था है। एनपीसीआई इंटर-बैंक ट्रांसफर, एटीएम लेन-देन और डिजीटल पेमेंट जैसी सेवाओं में मदद करती है। मार्च 2019 तक इसमें 56 बैंक शेयरधारक थे जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और एचएसबीसी जैसे बैंक शामिल थे।