वाह क्या बात है: अब एक्सपायरी स्टीकर्स के साथ आएंगे फोन और लैपटॉप, होंगी इतनी जानकारी
EPREL स्टिकर के अलावा EU ने कुछ Eco-Design नियम भी तय किए हैं जिसमें बैटरियों को कम से कम 800 चार्ज-डिस्चार्ज साइकल के बाद भी 80% क्षमता बनाए रखनी होगी, डिवाइस को गिरने, खरोंच, धूल और पानी से पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए जैसे प्रावधान शामिल हैं।

विस्तार
यूरोपियन यूनियन (EU) के उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी खबर है। अब जो भी स्मार्टफोन, टैबलेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस EU में बेचे जाएंगे, उन पर एक खास स्टिकर लगाया जाएगा जिसका नाम EPREL स्टिकर होगा। इस स्टिकर में डिवाइस की बैटरी और एनर्जी एफिशिएंसी से जुड़ी पूरी जानकारी दी जाएगी। यह नियम 20 जून 2025 से लागू होगा, वैसे आपको बता दें कि इस तरह के स्टीकर्स या लेबलिंग को लेकर भारत सरकार की कोई प्लानिंग नहीं है।
EPREL का पूरा नाम है- यूरोपियन प्रोडक्ट रजिस्ट्री फॉर एनर्जी लेबलिंग है। इस स्टिकर को हम आम भाषा में एनर्जी लेबल भी कह सकते हैं। यह स्टिकर उपभोक्ताओं को यह तय करने में मदद करेगा कि कौन सा प्रोडक्ट ज्यादा टिकाऊ और ऊर्जा दक्ष है। इस लेबल में आपको निम्नलिखित जानकारियां देखने को मिलेंगी:
- डिवाइस की एनर्जी क्लास।
- बैटरी की लाइफ और एंड्योरेंस।
- डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंस रेटिंग।
- ड्रॉप रेसिस्टेंस (गिरने पर डिवाइस कितनी सुरक्षित है)।
- डिवाइस की मरम्मत स्कोरिंग (Repairability Score)।
- यह नियम स्मार्टफोन, फीचर फोन, टैबलेट और कुछ अन्य वायरलेस डिवाइसेज पर लागू होगा।
- सभी स्मार्टफोन (चाहे वो सेलुलर नेटवर्क पर हों या सैटेलाइट नेटवर्क पर)।
- इंटरनेट और थर्ड पार्टी एप्लिकेशन के बिना वाले फीचर फोन।
- 7 इंच से 17.4 इंच स्क्रीन साइज वाले टैबलेट।
- लैंडलाइन नेटवर्क से जुड़ने वाले वायरलेस फोन।
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