Facebook: क्या खत्म हो गया फेसबुक का दौर, मार्क जकरबर्ग ने क्यों कहा- खत्म हो रही दीवानगी

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Mon, 21 Apr 2025 02:48 PM IST
सार

फेसबुक का आकर्षण शुरू से ही “फ्रेंडिंग मॉडल” पर आधारित था, यानी लोग आपसी दोस्ती बनाते थे, लेकिन अब खुद ज़ुकरबर्ग मानते हैं कि आज के यूजर्स, यहां तक कि वो खुद भी, अब इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करना ज्यादा पसंद करते हैं।

Is Facebook game over Why did Mark Zuckerberg say the craze is coming to an end
Mark Zuckerberg - फोटो : अमर उजाला

    विस्तार

    आपने खुद नोटिस किया होगा कि फेसबुक पर अब पहले जैसी रीच नहीं मिल रही है यानी पहले जैसी इंगेजमेंट नहीं है। पहले फेसबुक पर किसी पोस्ट पर खूब कॉमेंट-लाइक्स आते थे लेकिन अब नहीं है। यदि आपका भी मानना है कि फेसबुक की दीवानगी अब खत्म हो रही है तो आप ऐसा सोचने वाले अकेले नहीं हैं। खुद Meta के सीईओ मार्क जकरबर्ग ने इस बात को स्वीकार किया है कि फेसबुक का कल्चर पर प्रभाव अब लगातार घटता जा रहा है।

    यह खुलासा तब हुआ जब अमेरिका की फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) द्वारा मेटा पर चल रहे एंटीट्रस्ट केस के दौरान जकरबर्ग और फेसबुक के हेड टॉम एलिसन के बीच अप्रैल 2022 में हुई ईमेल बातचीत कोर्ट में पेश की गई। इन ईमेल्स में जकरबर्ग ने यह माना कि भले ही फेसबुक पर यूजर्स की संख्या और एंगेजमेंट अभी भी स्थिर है, लेकिन इसके सांस्कृतिक प्रभाव में गिरावट साफ देखी जा रही है।

    फेसबुक का आकर्षण शुरू से ही “फ्रेंडिंग मॉडल” पर आधारित था, यानी लोग आपसी दोस्ती बनाते थे, लेकिन अब खुद जकरबर्ग मानते हैं कि आज के यूजर्स, यहां तक कि वो खुद भी, अब इंस्टाग्राम और ट्विटर जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इन्फ्लुएंसर्स को फॉलो करना ज्यादा पसंद करते हैं। इस बदलती सोच ने फेसबुक की फ्रेंड-बेस्ड प्रणाली को पुराना और कम आकर्षक बना दिया है।

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