यूपीआई क्षेत्र में नहीं उतरेंगी नई कंपनियां, विदेशी इकाई बनेगी एयरटेल

गौरव पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजालागौरव पाण्डेय
Mon, 09 Dec 2019 03:14 AM IST
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New Companies will not enter in field of UPI and Airtel to be a foreign Unit

    यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) प्रणाली में अब और ज्यादा नई कंपनियों के उतरने की संभावना नहीं है, क्योंकि कुछ कंपनियों के साथ ही यह समग्र रूप ले चुका है। द डिजिटल फिफ्थ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यूपीआई भुगतान में नए प्रयोगों के चलते यह क्षेत्र नए स्तर पर पहुंचेगा और यह देश का भुगतान गेटवे का विकल्प बना रहेगा। रिपोर्ट कहती है कि यूपीआई की वजह से भुगतान क्षेत्र में व्यापक बदलाव आया है। इसके परिणामस्वरूप बड़े खिलाड़ियों ने पूरे बाजार को नियंत्रण में ले लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि वॉलेट बाजार घट रहा है और यूपीआई बाजार कुछ बड़ी कंपनियों के बीच सिमटकर रह गया है।

    विदेशी इकाई बनेगी भारती एयरटेल, मांगी एफडीआई की मंजूरी

    नई दिल्ली। भारती एयरटेल की प्रवर्तक भारती टेलीकॉम ने सिंगापुर की सिंगटेल और अन्य विदेशी कंपनियों से 4,900 करोड़ के निवेश के लिए केंद्र से अनुमति मांगी है। इस कदम से देश की सबसे पुरानी निजी क्षेत्र की दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एक विदेशी इकाई बन जाएगी। मामले से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि इस निवेश से भारती टेलीकॉम में विदेशी हिस्सेदारी बढ़कर 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी। वर्तमान में सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की इसमें करीब 52 फीसदी हिस्सेदारी है, जबकि भारती टेलीकॉम की भारती एयरटेल में करीब 41 फीसदी हिस्सेदारी है। दूरसंचार विभाग इसी महीने इस निवेश को मंजूरी दे सकता है।

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