Microsoft Copilot: माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट के इन पांच टिप्स पर दें खास ध्यान, काम हो जाता है आसान
माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट की पांच खास टिप्स का इस्तेमाल करने के बाद यूजर्स को काम करने में आसानी हो जाती है। साथ ही बहुत ही आसान तरीके से यूजर्स जेनएआई का इस्तेमाल करके अपनी क्षमता में इजाफा कर सकते हैं।

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अगर आप आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस यानी एआई का इस्तेमाल करते हैं तो आपको पता होगा कि एआई कितनी तेजी से किसी भी मुश्किल काम को कर देता है। एआई सेक्टर में माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट ने भी काफी तेजी से लोकप्रियता हासिल कर ली है। माइक्रोसॉफ्ट ने कुछ समय पहले ही कोपायलट का एक दमदार टूल पेश किया था, जिसके जरिए ओपनएआई के एडवांस एआई टूल का आसानी से एक्सेस लिया जा सकता है। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ विंडोज 11 तक ही सीमित थी, मगर अब विंडोज 10 यूजर्स भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
जेनरेटिव एआई कोपायलट में अगर टेक्स्ट प्रोप्ट में कुछ भी खोजने में दिक्कत आती है तो आपके लिए कोपायलट नोटबुक एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इस फीचर में लगभग 18 हजार कैरेक्टर्स का सपोर्ट मिलता है, ऐसे में यूजर्स आसानी से विस्तार में जानकारी हासिल कर सकते हैं। कोपायलट नोटबुक का इंटरफेस काफी आसान है, यही वजह है कि इसमें काफी आसानी से नेविगेट किया जा सकता है। साथ ही एआई जेनरेटिव रिजल्ट को आसानी से सीधे तरीके से हासिल किया जा सकता है।
अगर आपको माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट का होम पेज का इंटरफेस मुश्किल लगता है तो इसकी जगह पर नोटबुक का इस्तेमाल एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इस सुविधा में जेन एआई कंटेंट को आसानी से मैनेज किया जा सकता है। इस फीचर की वजह से यूजर्स का एक्सपीरियंस काफी बेहतर हो जाता है।