AI पर बड़ा दांव लगाएगा महिंद्रा ग्रुप, सीईओ अनीश शाह बोले- अब छोटे प्रयोग नहीं, बड़े स्तर पर अपनाने का समय
महिंद्रा ग्रुप (Mahindra Group) के सीईओ अनीश शाह का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया को तेजी से बदल रहा है। ऐसे में अब छोटे-छोटे प्रयोग करने का समय नहीं, बल्कि एआई को बड़े स्तर पर कारोबार और ग्राहकों की सेवाओं में शामिल करने का वक्त आ गया है। कंपनी ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी तेज रफ्तार से आगे बढ़ने का भरोसा जताया है।

विस्तार
महिंद्रा ग्रुप अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपने कारोबार का अहम हिस्सा बनाने की तैयारी में है। कंपनी के ग्रुप CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर अनीश शाह का कहना है कि AI दुनिया को बदलने वाली सबसे बड़ी तकनीकों में से एक है। ऐसे में अब छोटे-छोटे प्रयोग करने के बजाय इसे बड़े स्तर पर अपनाने का समय आ गया है।
कंपनी की 2025-26 की एनुअल रिपोर्ट में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए अनीश शाह ने कहा कि AI का असर उद्योगों, फैसले लेने के तरीके और काम करने की संस्कृति तक को बदल रहा है। इसलिए कंपनियों को साहस और स्पष्ट रणनीति के साथ आगे बढ़ना होगा।
अब प्रयोग नहीं, पूरी तरह अपनाने की जरूरत
अनीश शाह ने इस बात पर जोर दिया कि AI आज के दौर का सबसे बड़ा बदलाव है। यह उद्योगों की दिशा, निर्णय लेने की प्रक्रिया और हमारे काम करने के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह से फिर से परिभाषित कर रहा है। उन्होंने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में कहा, "हमारी रणनीति एकदम साफ है: हमें साहस और मजबूत इरादे के साथ कदम बढ़ाना होगा। यह केवल इंक्रीमेंटल (थोड़े-थोड़े) प्रयोगों का समय नहीं है।"
महिंद्रा ग्रुप अब AI को अपनी सोच, कार्यप्रणाली और ग्राहकों को दी जाने वाली सेवाओं का मुख्य हिस्सा बना रहा है। शाह के अनुसार, इसके लिए लगातार नई चीजें सीखने और काम करने के पुराने व घिसे-पिटे तरीकों को चुनौती देने की जरूरत है। उनका मानना है कि जो कंपनियां इस बदलाव को सबसे पहले और निर्णायक रूप से अपनाएंगी, वही भविष्य के बाजार पर राज करेंगी—और महिंद्रा उनमें से एक बनने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आगे बढ़ने का हौसला
शाह ने दुनिया भर में छाई आर्थिक अनिश्चितता पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने माना कि पिछले शानदार प्रदर्शन ने कंपनी को आत्मविश्वास जरूर दिया है, लेकिन भविष्य की राह और भी अधिक दृढ़ संकल्प मांगती है। आज के समय में अनिश्चितता केवल एक किताबी शब्द नहीं रह गई है, बल्कि यह रोज़मर्रा के ऑपरेशंस का हिस्सा बन चुकी है।
उन्होंने मौजूदा व्यापारिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ऊर्जा और बुनियादी ढांचे की कमियां, कमोडिटी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव, बढ़ती लॉजिस्टिक्स और विदेशी मुद्रा (forex) की लागतें कंपनियों के बजट को बिगाड़ रही हैं। एल्युमिनियम जैसे अहम कच्चे माल और समय पर होने वाले आयात की उपलब्धता भी अस्थिर बनी हुई है। इसके अलावा, सहयोगी कंपनियों में मैनपावर की कमी के कारण ग्लोबल सप्लाई चेन की भी कड़ी परीक्षा हो रही है।
ग्लोबल लीडरशिप पर है महिंद्रा की नजर
इन तमाम चुनौतियों के बावजूद, महिंद्रा ग्रुप घबराने या अपनी रफ्तार धीमी करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। अनीश शाह ने कहा कि अब कंपनी का लक्ष्य सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि अलग-अलग कारोबारों में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना है। उनके मुताबिक, अनिश्चितता आगे भी बनी रहेगी, लेकिन महिंद्रा ने कभी हालात पूरी तरह अनुकूल होने का इंतजार नहीं किया और आगे भी मजबूती से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता रहेगा।
- Airtel Vs Jio: ₹200 के प्लान में छिड़ी नई जंग, जानिए एयरटेल और जियो में से किसका रिचार्ज है असली पैसा वसूल
- AI: चिप्स नहीं, 'बिजली' है एआई की सबसे बड़ी रुकावट, BlackRock के सीईओ ने दी चेतावनी
- अमेजन पर AI का सैलाब: हर महीने छप रहीं लाखों 'मशीनी' किताबें, लेकिन पाठकों को नहीं आ रहीं रास
- BSNL का 'यात्रा सिम' लॉन्च: मात्र 196 रुपये में पाएं 15 दिनों तक अनलिमिटेड सुविधाएं, जानिए क्या है खास