Tech-Wari 2.0 लॉन्च: महाराष्ट्र में 9 लाख कर्मचारियों को मिलेगी AI की ट्रेनिंग, पारदर्शिता बढ़ाने पर होगा जोर
महाराष्ट्र में शासन को और तेज, पारदर्शी और आम लोगों के करीब लाने के लिए ‘Tech-Wari 2.0’ की शुरुआत हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे जनता की सेवा का नया मॉडल बताया, जहां तकनीक और संवेदनशीलता दोनों साथ चलेंगे।

विस्तार
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को प्रशासनिक कामकाज को अधिक पारदर्शी, कुशल और जनता के करीब लाने के उद्देश्य से 'टेक-वारी 2.0' (Tech-Wari 2.0) का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने बहुत ही भावुक अंदाज में कहा कि किसी भी तकनीक का अंतिम लक्ष्य आम लोगों के जीवन को सरल बनाना होना चाहिए।
फडणवीस ने कहा, "आम आदमी ही हमारा 'विट्ठल' है और यह 'टेक-वारी' पहल उन्हीं की सेवा के लिए शुरू की गई है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित शासन के लिए एक ऐसा रोडमैप लागू कर रही है, जिसके नतीजे बहुत जल्द जमीन पर दिखाई देंगे।
तकनीक के साथ-साथ मानवीय संवेदना भी जरूरी
मंत्रालय में आयोजित 'महाराष्ट्र ट्रेनिंग वीक' के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को एक अहम सलाह दी। उन्होंने कहा कि अच्छा प्रशासन केवल तकनीक से नहीं चलता। इसके लिए मानवीय संवेदना, मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-चिंतन और आलोचनाओं को सहने की क्षमता भी बेहद जरूरी है। फडणवीस ने तेजी से बदलती तकनीक का जिक्र करते हुए कहा कि आज साक्षरता के मायने बदल गए हैं। यह बुनियादी शिक्षा से शुरू होकर इंटरनेट तक पहुंची और अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तक जा पहुंची है।
अगले 1000 दिनों में AI से बदलेगा काम का तरीका
मुख्यमंत्री ने सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों से नई तकनीक को खुले दिल से अपनाने की अपील की। उन्होंने एक बड़ा अनुमान जताते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभाव के कारण अगले 1,000 दिनों के भीतर हमारे काम करने के तरीकों में 80 से 90 प्रतिशत तक का भारी बदलाव आ सकता है। इसलिए, समय के साथ चलना और खुद को अपडेट रखना बहुत जरूरी है।
कर्मचारियों के लिए खुद को निखारने का मौका
इस मौके पर उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि 'टेक-वारी 2.0' सरकारी कर्मचारियों के लिए सिर्फ एक ट्रेनिंग नहीं है, बल्कि यह लगातार सीखने, खुद का विकास करने और एक आधुनिक नजरिया अपनाने का शानदार अवसर है। वहीं, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि यह पहल कर्मचारियों के मानसिक और रचनात्मक विकास दोनों पर केंद्रित है, जिसमें तकनीकी ट्रेनिंग के साथ-साथ मानसिक भलाई को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां भी शामिल हैं।
9 लाख से ज्यादा कर्मचारी लेंगे ऑनलाइन ट्रेनिंग
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस पांच दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम में लगभग 6,000 कर्मचारी व्यक्तिगत रूप से हिस्सा ले रहे हैं, जबकि पूरे राज्य के 9 लाख से अधिक कर्मचारी ऑनलाइन माध्यम से इन सत्रों से जुड़ेंगे। इस ट्रेनिंग के दौरान डिजिटल गवर्नेंस, डेटा सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग, जनरेटिव एआई, साइबर सुरक्षा और नैतिकता जैसे बेहद अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
इस कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण 'वासुदेव' नाम का एक AI एजेंट भी रहा, जिसने कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों के साथ बातचीत की। इस मौके पर उत्कृष्ट काम करने वाले फ्रंटलाइन कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया।
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