COSMO AI: गूगल ने गलती से किया इस सीक्रेट एआई असिस्टेंट का खुलासा, बिना कमांड के खुद सोचेगा और करेगा आपके काम
Google COSMO AI Assistant:
गूगल से एक बड़ी चूक हो गई है! कंपनी का आगामी AI असिस्टेंट प्ले स्टोर पर लीक हो गया है। यह आम एआई असिस्टेंट्स से बिलकुल अलग है। यह आपके कमांड का इंतजार किए बिना खुद आपके काम समझकर उन्हें पूरे कर सकता है। जानिए ये एआई असिस्टेट क्यों है खास।

विस्तार
गूगल के आगामी इवेंट Google I/O 2026 से कुछ ही हफ्ते पहले कंपनी से एक बड़ी गलती हो गई है। 1 मई 2026 को गूगल प्ले स्टोर पर कॉस्मो (COSMO) नाम का एक प्रयोगात्मक एप कुछ समय के लिए लाइव हो गया। करीब 1.13 GB साइज वाले इस एप को गूगल द्वारा हटाए जाने से पहले ही कई लोगों ने डाउनलोड करके इसकी जांच कर ली। हालांकि यह एप पब्लिक रिलीज के लिए नहीं था, लेकिन इसने गूगल की भविष्य की एआई रणनीति का पूरा खुलासा कर दिया है।
क्या है COSMO?
कॉस्मो अभी तक के सभी एआई असिस्टेंट्स से एकदम अलग है। यह आपके किसी आदेश का इंतजार नहीं करता, बल्कि एक 'प्रोएक्टिव' सिस्टम की तरह काम करता है।
आसान भाषा में कहें तो यह आपके फोन के अंदर एक ऐसी लेयर की तरह काम करता है, जो लगातार यह देखता है कि आप क्या कर रहे हैं।
आपके काम के संदर्भ को समझकर यह खुद-ब-खुद आपकी मदद के लिए आगे आ जाता है, ताकि आपको मैन्युअल तरीके से कम से कम काम करना पड़े।
स्क्रीन को पढ़कर खुद करेगा ब्राउजर के काम
इस एआई की सबसे बड़ी खूबी इसकी 'रियल-टाइम स्क्रीन अवेयरनेस' है। यह एंड्रॉइड सिस्टम टूल्स की मदद से आपकी स्क्रीन पर चल रही चीजों को पढ़ सकता है।लीक हुए फीचर्स के मुताबिक, अगर आप किसी से चैट पर कोई प्लान बना रहे हैं, तो यह खुद कैलेंडर इवेंट सेट कर सकता है। यह फोटो खोजने, लंबे डॉक्यूमेंट्स को छोटा करके लिखने और कई जगहों से जानकारी जुटाकर रिसर्च करने में माहिर है।सबसे खास बात इसका ब्राउजर ऑटोमेशन है, जहां यह सिर्फ जवाब देने के बजाय वेबसाइट्स पर जाकर खुद एक्शन्स ले सकता है।
जेमिनी नैनो और हाइब्रिड तकनीक का शानदार मेल
कॉस्मो सीधे आपके स्मार्टफोन पर काम कर सकता है। यह जेमिनी नैनो (Gemini Nano) तकनीक का उपयोग करता है, जिससे यह इंटरनेट के बिना भी तेजी से और प्राइवेसी के साथ काम कर सकता है।इसके साथ ही, ज्यादा मुश्किल कामों के लिए यह हाइब्रिड सिस्टम के जरिए क्लाउड से भी जुड़ जाता है। फिलहाल यह साफ नहीं है कि कॉस्मो को एक अलग प्रोडक्ट के रूप में लॉन्च किया जाएगा या इसे मौजूदा जेमिनी सेवाओं का हिस्सा बनाया जाएगा।हालांकि, लीक हुए इस अधूरे वर्जन ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य के एआई टूल अब सिर्फ बात करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे खुद फैसले लेकर काम पूरे करेंगे।
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