ड्रैगन की नई चाल: ट्रंप के दौरे से पहले चीन पर बड़ा आरोप, 'AI डिस्टिलिंग' से चुरा रहा है अमेरिका की ये तकनीक

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Mon, 04 May 2026 03:07 PM IST
सार

What Is AI Distilling:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीजिंग दौरे से ठीक पहले अमेरिका ने चीन पर एक बेहद गंभीर आरोप लगाया है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, चीन बड़े पैमाने पर 'AI डिस्टिलिंग' का इस्तेमाल करके अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की चोरी कर रहा है।

us accuses china of ai distilling tech theft ahead of trump visit hindi
ट्रंप के दौरे से पहले चीन पर लगा बड़ा आरोप - फोटो : एआई जनरेटेड

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जल्द ही चीन के एक ऐतिहासिक दौरे पर बीजिंग जाने वाले हैं। लेकिन इस अहम मुलाकात से ठीक कुछ हफ्ते पहले दोनों देशों के बीच एक नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका ने चीन पर औद्योगिक स्तर पर बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) चुराने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, व्हाइट हाउस के विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय (OSTP) के निदेशक माइकल क्रैटसिओस ने एक मेमो जारी किया है। इस मेमो में साफ तौर पर कहा गया है कि अमेरिका के पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि मुख्य रूप से चीन में मौजूद कुछ विदेशी संस्थाएं एक सोची-समझी साजिश के तहत अमेरिकी 'फ्रंटियर एआई सिस्टम' की 'डिस्टिलिंग' कर रही हैं।

    प्रतीकात्मक तस्वीर
    प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

    आखिर क्या है 'AI डिस्टिलिंग'?

    बेहद आसान भाषा में समझें तो 'एआई डिस्टिलेशन' का सीधा मतलब तकनीक की नकल करना होता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक छोटा एआई मॉडल, किसी बड़े और उन्नत एआई मॉडल के डेटा से जानकारी हासिल करके खुद को ट्रेन करता है।व्हाइट हाउस के मेमो में बताया गया है कि चीनी हैकर्स या संस्थाएं अमेरिकी एआई सिस्टम की सुरक्षा से बचने के लिए हजारों फर्जी प्रॉक्सी अकाउंट का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके साथ ही, गुप्त जानकारी निकालने के लिए 'जेलब्रेकिंग' जैसी तकनीकों का सहारा लिया जा रहा है।ये फर्जी बॉट अकाउंट बिल्कुल एक आम इंसान की तरह बर्ताव करते हैं और बड़े एआई मॉडल से वह खुफिया जानकारी उगलवा लेते हैं जिसे सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए।इस तरह वे अमेरिकी विशेषज्ञों की मेहनत और इनोवेशन का फायदा उठाकर अपनी एआई तकनीक को मजबूत कर रहे हैं।

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें
    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें - फोटो : अमर उजाला

    पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कोशिशें

    यह पहली बार नहीं है जब एआई चोरी का ऐसा कोई मामला सामने आया है। इसी साल की शुरुआत में एंथ्रोपिक (Anthropic) और ओपेन एआई (OpenAI) जैसी दिग्गज एआई कंपनियों ने भी शिकायत की थी कि वे इस तरह की डिस्टिलिंग गतिविधियों का सामना कर रही हैं।एंथ्रोपिक ने स्पष्ट रूप से खुलासा किया था कि डीपसीक (DeepSeek), मूनशॉट (Moonshot) और मिनीमैक्स (MiniMax) जैसे एआई मॉडल्स ने उनके सिस्टम से जानकारी चुराने (डिस्टिल करने) की कोशिश की थी।

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