जान ले रहे लोन एप: उजाड़ा पूरा परिवार, ऑनलाइन कर्ज में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Fri, 14 Jul 2023 07:07 PM IST
सार

इस तरह के लोन एप के झांसे में जरूरतमंद लोग आते हैं। ये एप बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना केवायसी के लोन देने का वादा करते हैं तो लोग आसानी से इन पर भरोसा कर लेते हैं। जान लें इन एप से बचने का तरीका।

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Loan app is killing family these mistakes can be dangerous in online loan
Mobile Loan App Scam - फोटो : istock

    विस्तार

    बिना केवायसी और दस्तावेज सत्यापन के इंस्टेंट लोन देने वाले एप एक के बाद एक लोगों की सांसे छीन रहे हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कर्ज से परेशान होकर एक परिवार ने सामूहिक आत्महत्या कर ली। युवा दंपति ने अपने दो मासूम बच्चों को कोल्ड ड्रिंक में सल्फास मिलाकर पिलाई। इसके बाद दोनों एक ही फंदे पर झूल गए। इस तरह के एप पहले तो बिना किसी शर्त के लोन देने का वादा करते हैं, और जैसे ही कोई इनके झांसे में आता है, यह भारी ब्याज लगाकर कई गुना अधिक पैसे वसूलते हैं।

    इस तरह के लोन एप के झांसे में ज्यादातर जरूरतमंद लोग आते हैं। ये एप बिना किसी कागजी कार्रवाई और बिना केवायसी के लोन देने का वादा करते हैं तो लोग आसानी से इन पर भरोसा कर लेते हैं। साथ ही लोन देते समय आसान और फास्ट प्रोसेस के नाम पर यह एप यूजर्स की जानकारी के बिना उनके मोबाइल से कॉन्टैक्ट डिटेल, मैसेज और गैलरी तक की जानकारी की स्वीकृति ले लेते हैं। यहीं से असली खेल शुरू होता है। दरअसल, लोन एप यूजर्स की कॉन्टैक्ट डिटेल और गैलरी का इस्तेमाल बाद में ब्लैकमेल करने के लिए करते हैं और ऐसे में इनका शिकार हुए लोगों के पास दोगुना-चार गुना लोन चुकाने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचता।

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    जरूरतमंद को लोन देने के नाम पर फ्रॉड किया जा रहा है। पहले लोगों को सस्ते लोन का लालच दिया जाता है और फिर पैसों की वसूली की जाती है। कई बार लोगों से कई गुना राशि वसूली जाती है। पैसे नहीं देने पर फोटो वायरल करने और दोस्तों रिश्तेदारों में बदनाम करने की धमकी दी जाती है। मध्यप्रदेश के भूपेंद्र विश्वकर्मा सुसाइड केस में भी ऐसा ही हुआ। मृतक के पास चार पेज का सुसाइड नोट मिला, इसमें उसने ऑनलाइन लिए गए कर्ज से परेशान होने, रिकवरी वालों के ब्लैकमेल करने का जिक्र किया।

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    भूपेंद्र को लोन की किश्त समय पर जमा नहीं करने पर सोशल मीडिया के डीपी में लगी फोटो को निकालकर अश्लील बनाकर ब्लैकमेल करने के साथ ही बदनाम किया जाने लगा। भूपेंद्र जहां काम करता था, उसके बॉस, रिश्तेदार और अन्य परिजनों को भी डिटेल भेजने लगे। ऐसे में यह मामला लोन का कम, स्कैम और साइबर फ्रॉड का ज्यादा लगता है। इस मामले की जांच अब एसआईटी करेगी।

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