चिंताजनक: भारत में हुए दुनिया के 26% मोबाइल साइबर क्राइम, 4 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड हुईं फर्जी एप्स

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 10 Nov 2025 12:34 PM IST
सार

India Mobile Cyber Attack:

भारत अब मोबाइल साइबर क्राइम का सबसे बड़ा निशाना बन गया है। एक नई रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुनिया में होने वाले कुल मोबाइल हमलों में 26% अकेले भारत में होते हैं। हैकर्स अब मोबाइल पेमेंट और फर्जी एप्स के जरिए यूजर्स को निशाना बना रहे हैं।

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भारत में बढ़े मोबाइल साइबर अटैक - फोटो : AI

    विस्तार

    डिजिटल इंडिया के दौर में जहां मोबाइल हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है, वहीं अब यही सबसे बड़ा साइबर खतरा भी बनता जा रहा है। Zscaler की ‘ThreatLabz 2025 Mobile, IoT, and OT Threat Report’ में सामने आया है कि दुनिया में होने वाले कुल मोबाइल अटैक्स में 26% हमले भारत में होते हैं। रिपोर्ट बताती है कि दुनिया भर में मोबाइल और स्पाईवेयर अटैक्स की घटनाएं साल दर साल बढ़ रही हैं। सिर्फ एक साल में ही ऐसे हमलों में 67% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    पिछले साल के मुकाबले भारत में 38% ज्यादा हमले

    रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में मोबाइल पर साइबर हमलों की संख्या पिछले साल की तुलना में 38% बढ़ गई है। हैकर्स अब कार्ड फ्रॉड की बजाय मोबाइल पेमेंट्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन को निशाना बना रहे हैं। इनके जरिए वे यूजर्स की बैंकिंग डिटेल्स और व्यक्तिगत जानकारी चुराने में सफल हो रहे हैं।

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    रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि साइबर अपराधी अब सिर्फ मोबाइल यूजर्स ही नहीं, बल्कि इंडस्ट्री सेक्टर्स को भी तेजी से टारगेट कर रहे हैं। सबसे ज्यादा असर एनर्जी सेक्टर पर देखा गया है, जहां पिछले साल की तुलना में 387% ज्यादा साइबर हमले हुए हैं। इसके अलावा मैन्युफैक्चरिंग और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर पर अटैक की घटनाएं भी तेजी से बढ़ी हैं।

    फर्जी एप्स से चुराया जा रहा यूजर्स का डेटा

    रिपोर्ट के अनुसार, गूगल प्ले स्टोर पर 200 से ज्यादा खतरनाक एप्स पाई गईं, जिन्हें 4.2 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया गया था। ये एप्स खुद को प्रोडक्टिविटी या यूटिलिटी टूल्स बताकर लोगों को भ्रमित करती हैं, लेकिन इनका असली मकसद यूजर डेटा चुराना या मालवेयर इंस्टॉल करना होता है। गूगल द्वारा लगातार निगरानी के बावजूद साइबर अपराधी फर्जी एप्स को प्ले स्टोर पर लिस्ट करने में सफल हो रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ये एप्स न केवल मोबाइल को संक्रमित करती हैं बल्कि कुछ मामलों में रैंसमवेयर अटैक का भी कारण बनती हैं।

    भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेन-देन और मोबाइल यूजर्स की संख्या के चलते साइबर अपराधियों की नजर अब सीधे स्मार्टफोन पर है। रिपोर्ट यह साफ संकेत देती है कि अब मोबाइल ही नया टारगेट बन चुका है, और समय रहते साइबर सुरक्षा को मजबूत करना जरूरी है।

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