व्हाट्सएप गवर्नेंस की ओर गुजरात के कदम: घर बैठे एक मैसेज पर मिलेंगी 20 सरकारी सेवाएं, मेटा के साथ हुआ समझौता

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Mon, 25 May 2026 04:56 PM IST
सार

गुजरात सरकार ने मेटा के साथ एक अहम समझौता किया है। इसके तहत राज्य के नागरिकों को आय प्रमाण पत्र और राशन कार्ड जैसी 20 अहम सरकारी सेवाएं अब सीधे व्हाट्सएप पर मिलेंगी। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की मौजूदगी में हुए इस करार से लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।

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गुजरात में व्हाट्सएप गवर्नेंस की शुरूआत - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    गुजरात सरकार ने आम जनता की सहूलियत के लिए एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार अब 'वन डे गवर्नेंस' से आगे बढ़कर 'व्हाट्सएप गवर्नेंस' की ओर कदम रख चुकी है। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'नागरिक देवो भव:' के विजन को साकार करने की दिशा में एक अहम प्रयास है।

    गांधीनगर में इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार और मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के बीच एक खास समझौता (MoU) हुआ है। यह करार मुख्यमंत्री की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

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    घर बैठे मिलेंगी 20 अहम सरकारी सेवाएं

    इस नए समझौते के बाद नागरिकों की जिंदगी बहुत आसान होने वाली है। अब लोगों को सरकारी दफ्तरों की लंबी कतारों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा। साथ ही, अलग-अलग सरकारी वेबसाइट्स के चक्कर लगाने की उलझन भी खत्म हो जाएगी।

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    जीएआरसी (GARC) की सिफारिशों के आधार पर राज्य सरकार ने 'सुगम डिजिटल गुजरात इनीशिएटिव' के तहत पांच प्रमुख विभागों की करीब बीस नागरिक केंद्रित सेवाओं को व्हाट्सएप चैटबॉट पर लाने का फैसला किया है। यह चैटबॉट अंग्रेजी और गुजराती दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा। राज्य भर के नागरिक अब सिर्फ एक व्हाट्सएप नंबर के जरिए अपने मोबाइल पर घर बैठे इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।

    किन सुविधाओं का मिलेगा सीधा लाभ?

    सरकार ने जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई अहम सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा है।इनमें शिकायत निवारण सहायता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और ईडब्ल्यूएस (EWS) सर्टिफिकेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।इसके अलावा राशन कार्ड अपडेट कराना, राजस्व रिकॉर्ड निकालना और आधिकारिक शपथ पत्र बनवाने जैसे काम भी अब व्हाट्सएप के जरिए चुटकियों में हो जाएंगे।इससे न केवल समय और पैसे की भारी बचत होगी, बल्कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।ग्रामीण और शहरी, दोनों ही इलाकों के लोगों तक इस तकनीक का सीधा फायदा पहुंचेगा।

    एंड-टू-एंड सेवा और रियल-टाइम ट्रैकिंग की सुविधा

    मेटा के साथ हुए इस करार से सर्विस डिलीवरी का पूरा सिस्टम बेहद सरल और तेज हो जाएगा। नागरिक अब अपनी अर्जी का रियल-टाइम स्टेटस भी आसानी से ट्रैक कर सकेंगे। आने वाले दिनों में इस व्हाट्सएप प्लेटफॉर्म पर कई अन्य सरकारी सेवाओं को भी जोड़ा जाएगा।सरकार की योजना है कि केवल जानकारी देने तक ही सीमित न रहा जाए, बल्कि आवेदन करने से लेकर सर्टिफिकेट जारी होने तक की पूरी 'एंड-टू-एंड' प्रक्रिया को मोबाइल पर ही सुलभ बना दिया जाए।वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में जन सेवा केंद्रों और ग्रामीण इलाकों में वीसीई (VCE) आधारित सिस्टम के जरिए लाखों लोगों को सेवाएं दी जा रही हैं।अब मेटा के साथ मिलकर गुजरात नागरिक-केंद्रित शासन के अगले और आधुनिक चरण में प्रवेश कर रहा है।

    अहम अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ करार

    यह ऐतिहासिक समझौता कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में संपन्न हुआ। राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग (प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधार प्रभाग) के सचिव हरीत शुक्ला ने सरकार की ओर से इस पर हस्ताक्षर किए। वहीं मेटा की ओर से डायरेक्टर और हेड ऑफ पॉलिसीज अमन जैन तथा कंट्री डायरेक्टर ए. श्रीनिवास ने एमओयू का आदान-प्रदान किया।

    अरुण श्रीनिवास, मैनेजिंग डायरेक्टर और कंट्री हेड, मेटा इंडिया ने कहा, "डिजिटल परिवर्तन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता है। यह उनकी जीवन गुणवत्ता को बेहतर बना सकता है, सरकारी सेवाओं तक पहुंच को आसान बना सकता है और छोटे व्यवसायों को AI-संचालित कौशल प्रदान कर सकता है। आज हम इसे वास्तविकता में बदलते हुए देख रहे हैं। गुजरात सरकार के साथ साझेदारी कर हमें गर्व है।"

    इस मौके पर मेटा इंडिया के सीनियर डायरेक्टर और हेड ऑफ पब्लिक पॉलिसी, अमन जैन भी मौजूद थे। उन्होंने कहा, "यह समझते हुए कि वास्तविक डिजिटल परिवर्तन तभी संभव है जब वह समावेशी हो, मेटा के AI टूल्स दुनिया भर के लोगों के लिए मूल्य पैदा कर रहे हैं और समाज तथा अर्थव्यवस्था पर व्यापक सकारात्मक प्रभाव डालने की क्षमता रखते हैं। हमें गुजरात सरकार के साथ सुगमता, कौशल विकास और नागरिक सेवाओं जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी करने पर गर्व है। हम नवाचार को अधिक समावेशी और सभी के लिए सुलभ बनाने के अपने संकल्प पर कायम हैं।"

    इस खास मौके पर मुख्य सचिव एमके दास, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार हसमुख अधिया और सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अंजू शर्मा भी उपस्थित रहीं। इनके अलावा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव संजीव कुमार, अतिरिक्त प्रमुख सचिव विक्रांत पांडे और सचिव अजय कुमार ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लेकर इस पहल को अपना समर्थन दिया।

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