6G Tech: चीन ने दिखाई 6G नेटवर्क की ताकत, लेजर लाइट के जरिए 1.2 Km दूर ट्रांसफर किया डेटा
China 6G Photonic Engine:
चीन के वैज्ञानिकों ने एक लेजर-पावर्ड फोटोनिक इंजन तैयार किया है जो सफेद रोशनी से लंबी दूरी तक डेटा भेज सकता है। यह तकनीक भविष्य के 6G नेटवर्क के लिए बड़ी क्रांति साबित हो सकती है। जहां पुरानी तकनीक कुछ मीटर तक सीमित थी, वहीं यह इंजन 1.2 किलोमीटर तक बेरोकटोक तेज रफ्तार डेटा भेजने में सक्षम है।

विस्तार
चीन के वैज्ञानिकों ने 6G कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी की दिशा में एक बड़ी सफलता हासिल करने का दावा किया है। शोधकर्ताओं ने एक ऐसा Laser-powered Photonic Engine विकसित किया है, जो सफेद रोशनी की मदद से लंबी दूरी तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह नई तकनीक भविष्य के AI-आधारित 6G नेटवर्क को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। यह सिस्टम एक खास तरह के सिरेमिक मैटेरियल से बनाया गया है, जिसे आसानी से बड़े स्तर पर तैयार किया जा सकता है। यही वजह है कि इसे भविष्य में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
1.2 किलोमीटर तक डेटा ट्रांसफर करने का दावा
फिलहाल LED आधारित विजिबल लाइट कम्यूनिकेशन यानी VLC सिस्टम सिर्फ कुछ मीटर की दूरी तक ही डेटा भेज पाते हैं। लेकिन वैज्ञानिकों का दावा है कि नया फोटोनिक इंजन करीब 1.2 किलोमीटर तक डेटा ट्रांसफर कर सकता है।
यह रिसर्च 22 मई को सेल प्रेस की जर्नल 'मैटर' में प्रकाशित हुई है। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह 6G कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी के लिए एक अहम शोध साबित हो सकता है।
कैसे काम करता है यह फोटोनिक इंजन?
यह नया सिस्टम लेजर की मदद से हाई-क्वालिटी की सफेद रोशनी पैदा करता है। इसी रोशनी के जरिए डेटा ट्रांसफर किया जाता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह इंजन मुख्य रूप से यलो लाइट रीजन यानी 500 से 650 नैनोमीटर के बीच रोशनी उत्सर्जित करता है।
हालांकि इसमें रेड कंपोनेंट्स की कमी है, जिसकी वजह से फिलहाल यह सूरज की प्राकृतिक रोशनी जैसी कलर एक्यूरेसी देने में पूरी तरह सक्षम नहीं है। इसके अलावा इसकी स्पीड अभी फाइबर ऑप्टिक नेटवर्क से कम है। इस इंजन को और बेहतर बनाने के लिए, टीम भविष्य में ऐसे प्रकाश उत्सर्जक पदार्थों पर शोध करने की योजना बना रही है जो डेटा भेजने की रफ्तार को और तेज कर सकें।
खराब मौसम में भी करेगा काम
वैज्ञानिक खराब मौसम में भी इंटरनेट सेवा चालू रखने के लिए लेजर सिस्टम को रेडियो-फ्रीक्वेंसी सिस्टम के साथ जोड़ने की योजना भी बना रहे हैं। चीनी न्यूज एजेंसी शिया के अनुसार, एआई (AI) आधारित तकनीक डेटा रेट को खुद एडजस्ट कर सकती है। इससे भविष्य का 6G नेटवर्क बनेगा जो अंतरिक्ष, हवा और जमीन से पूरी तरह जुड़ा और बेहद भरोसेमंद होगा।
5G से कैसे अलग और खास होगा 6G नेटवर्क?
मौजूदा 5G नेटवर्क हाईवे की तरह काम करते हैं, जिनके जरिए डेटा बहुत तेज गति से ट्रांसफर होता है, लेकिन 6G नेटवर्क इससे कहीं आगे होंगे। भविष्य के 6G नेटवर्क स्मार्टफोन्स, स्ट्रीटलाइट्स और अन्य डिवाइस में एम्बेड हो सकते हैं। ये नेटवर्क सिर्फ डेटा ट्रांसफर नहीं करेंगे, बल्कि आसपास की गतिविधियों को समझने और प्रतिक्रिया देने में भी सक्षम होंगे।
इसके अलावा लो-अर्थ ऑर्बिट सैटेलाइट्स की मदद से 6G नेटवर्क रेगिस्तान, समुद्र और पहाड़ी इलाकों जैसे कठिन क्षेत्रों में भी हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध करा सकते हैं।
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