विवादित चेहरा पहचानने वाली तकनीक पर काम नहीं करेगा गूगल

दुनियाभर की टेक्नोलॉजी कंपनियों पर हो रही कड़ी निगरानी के बीच टेक्नोलॉजी की दिग्गज गूगल ने कहा है कि वह विवादित फेशियल रिकॉग्निशन (चेहरा पहचानने की तकनीक) टेक्नोलॉजी पर काम नहीं करेगी। बता दें कि फेस रिकॉग्निशन टेक्नोलॉजी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने भी दुनियाभर की सरकारों से इस तकनीक को नियंत्रित करने का सुझाव दिया था।
Google के ग्लोबल अफेयर्स के वरिष्ठ उपाध्यक्ष केंट वाकर ने अपने ब्लॉग पोस्ट में इसकी जानकारी देते हुए कहा, 'कई अन्य तकनीक की कई तरह के इस्तेमाल की तरह फेशियल रिकॉग्निशन पर भी विचार करने की जरूरत है कि यह हमारे सिद्धांतों के अनुरूप हो और यह किसी भी तरह से हानिकारक ना हो।'
उन्होंने आगे कहा कि कंपनी अन्य संस्थाओं के साथ इस तकनीक से जुड़ी चुनौतियों को पहचानने के लिए करेगी और साथ ही अन्य कंपनियों की तरह गूगल क्लाउड भी साधारण इस्तेमाल के लिए फेशियल रिकॉग्निशन का एपीआई जारी नहीं करेगा।
बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ ने कहा कि तेजी से बढ़ती हुई इस फेशियल रिकॉग्निशन तकनीक पर दुनियाभर की सरकारों को नजर रखना चाहिए और इसकी निगरानी के लिए कानून भी बनाने की जरूरत है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले गूगल ने एक पेंटेट अप्रूव कराया है जो कि फेशियल रिकॉग्निशन को लेकर है। इसकी मदद से गूगल रिवर्स इमेज सर्च के जरिए फोटो की पहचान करेगा। गूगल के इस पेटेंट को लेकर ऑनलाइन प्राइवेसी के जानकारों का कहना है कि इसके लिए गूगल लोगों के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का भी इस्तेमाल करेगा।
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