Cookies: कूकीज की होने वाली है छुट्टी, गूगल कर रहा है लंबी प्लानिंग

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 16 Dec 2023 10:46 AM IST
सार

कूकीज को लेकर लंबे से विवाद चल रहा है कि प्राइवेसी के लिहाज से इसे बंद करना चाहिए। विवाद के बाद एक बड़ा बदलाव हुआ है कि कूकीज लेने से पहले कोई साइट आपसे इजाजत मांगती है, वरना पांच साल पहले तो बिना इजाजत ही कूकीज स्टोर किया जाता था।

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Google grand plan to kill cookies with Tracking Protection decoded feature
Cookies - फोटो : Google

    विस्तार

    आमतौर पर जब भी आप किसी वेबसाइट पर विजिट करते हैं तो वह साइट आपसे कूकीज के लिए इजाजत मांगती है। यह कूकीज ही वह बड़ा हथियार होता है जिसकी मदद से कोई वेबसाइट यूजर की एक्टिविटी को ट्रैक करती है और फिर उसी आधार पर विज्ञापन दिखाए जाते हैं।

    कूकीज को लेकर लंबे से विवाद चल रहा है कि प्राइवेसी के लिहाज से इसे बंद करना चाहिए। विवाद के बाद एक बड़ा बदलाव हुआ है कि कूकीज लेने से पहले कोई साइट आपसे इजाजत मांगती है, वरना पांच साल पहले तो बिना इजाजत ही कूकीज स्टोर किया जाता था।

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    गूगल बंद करने जा रहा है कूकीज

    Google ने कहा है कि वह कूकीज को कंट्रोल करने के लिए तैयारी कर रहा है। 4 जनवरी 2024 से इसकी शुरुआत हो जाएगी। 4 जनवरी के बाद गूगल क्रोम पर 1 फीसदी यानी करीब 30 मिलियन यूजर्स के लिए थर्ड पार्टी कूकीज डिफॉल्ट रूप से ब्लॉक हो जाएंगी। थर्ड पार्टी कूकीज वे होती हैं जिस पर आपका कंट्रोल नहीं होता है यानी आपकी इजाजत के बिना आपका डाटा स्टोर किया जाता है।

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    कूकीज के क्या हैं खतरे?

    Cookies प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए बहुत ही खतरनाक है। कूकीज की मदद से आपके वेब हिस्ट्री पर नजर रखी जाती है। डेवलपर्स को ये कूकीज ही बताती हैं कि इंटरनेट पर आप क्या सर्च कर रहे हैं। कई बार ये कूकीज आपकी निजी जानकारी इकट्ठा करती हैं। कूकीज डाटा में लोकेशन, वेब सर्च हिस्ट्री और डिवाइस भी जानकारी होती है।

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