एलन मस्क की कंपनी न्यूरोलिंक ने सूअर पर किया दिमाग पढ़ने वाली चिप का प्रयोग

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Sat, 29 Aug 2020 10:48 AM IST
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Elon Musk Neuralink unveils pig with computer chip in brain
pig with computer chip in brain - फोटो : neuralink

    एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक पिछले कई सालों से इंसानी दिमाग पढ़ने वाली चिप पर काम कर रही है और अब कंपनी ने सूअर के दिमाग में इस चिप को लगाकर प्रयोग किया है। न्यूरालिंक ने सिक्के की साइज की चिप का प्रदर्शन सूअर की दिमाग में लगाकर किया है। सूअर की दिमाग में यह चिप पूरे दो महीने रहा है।

    बता दें कि एलन मस्क की इस कंपनी न्यूरालिंक की स्थापना साल 2016 में हुई थी। न्यूरोलिंक का मकसद इंसानी दिमाग को बिना किसी वायर को पढ़ना है। इस चिप का सबसे ज्यादा फायदा अल्जाइमर के रोगियों को होगा। इस उपलब्धि पर एलन मस्क ने वेबकास्ट में कहा, 'एक इंप्लांटेबल डिवाइस वास्तव में मेमोरी लॉस, सुनने की क्षमता खोना, अवसाद और अनिद्रा जैसी समस्याओं को हल कर सकती है।'

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    प्रयोग के दौरान तीन सूअरों को लाया गया था जिनमें से एक सूअर ने काफी मदद की जिसका नाम गैटर्ड है। प्रयोग के दौरान सूअर को खाना दिया गया और उस दौरान उसकी दिमागी हालत को पहली बार लाइव देखा गया। कंपनी द्वारा दिखाए प्रजेंटेशन के मुताबिक कंपनी ने इस चिप का प्रयोग 19 अलग-अलग जानवरों पर किया है जिनकी सफलता की दर 87 फीसदी रही है। इस चिप की साइज करीब आठ मिलीमीटर (इंच का तीन-दसवां हिस्सा) है।

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    गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में न्यूरोलिंक ने कहा था कि वह एक खास ब्रेन चिप पर काम कर रही है, जो आने वाले समय में हेडफोन को पूरी तरह से खत्म कर देगी। इस चिप को इंसान के दिमाग में इम्प्लांट किया जाएगा। इसके जरिए लोग संगीत सुनने के साथ म्यूजिक स्ट्रीम कर सकेंगे।

    वहीं, मस्क ने कंप्यूटर वैज्ञानिक ऑस्टिन हॉवर्ड से ट्विटर पर बात करते हुए कहा थाा कि इस खास तकनीक वाली चिप के जरिए यूजर्स के दिमाग तक संगीत पहुंचेगा। साथ ही यूजर्स म्यूजिक स्ट्रीम कर सकेंगे। इसके अलावा इस चिप से यूजर्स डिप्रेशन जैसी बीमारियों से भी छुटकारा पा सकेंगे।

    न्यूरोलिंक तकनीक को इंसान के दिमाग से चिप और थ्रेड के जरिए कनेक्ट किया जाएगा। यह चिप रिमूवेबल पॉड से जुड़ी होंगी, जिन्हें कान के पीछे लगाया जाएगा और यह वायरलेस कनेक्टिविटी के मध्यम से दूसरे डिवाइस से कनेक्ट होंगी। इसके जरिए यूजर्स को दिमाग की सही जानकारी सीधा उनके स्मार्टफोन पर मिलेगी।

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