दिल्ली HC ने एयरटेल को लगाई फटकार, कहा- IPL विज्ञापन के नीचे बड़े शब्दों में हों स्पष्टीकरण

दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि भारती एयरटेल के आईपीएल की ‘लाइव व नि:शुल्क पहुंच’ संबंधी विज्ञापन के अंत में डिस्क्लेमर बड़े शब्दों में होना चाहिए। रिलायंस जियो की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने यह आदेश दिया। कोर्ट इससे संबंधित सभी तरह के विज्ञापनों में डिस्क्लेमर का साइज बड़ा करने का निर्देश दिया।
प्रिंट विज्ञापनों के लिए फोन्ट साइज 12 होगा। वहीं टीवी विज्ञापनों में भी डिस्क्लेमर का साइज तो 12 ही रहेगा और उसे विज्ञापन में वहां चलाना होगा जहां सीजन पास की बात की जा रही है। आउटडोर विज्ञापनों के लिए ASCI के मानकों के अनुसार डिस्क्लेमर चलाना होगा। एयरटेल को कोर्ट के सभी आदेश तुरंत प्रभाव से लागू करने होंगे।
आज के आदेश के पहले भी अदालत ने कहा था कि संबद्ध विज्ञापन में डिस्क्लेमर उतने मोटे शब्दों में नहीं है जैसा एयरटेल ने आश्वासन दिया था। एयरटेल के इस विज्ञापन को लेकर दोनों कंपनियों में कानूनी लड़ाई चल रही है।
एयरटेल ने अपने विज्ञापन में दावा किया है कि ‘उसके ग्राहक उसके ऐप एयरटेल टीवी के जरिए आईपीएल के लाइव मैच नि:शुल्क देख सकते हैं।’ जियो ने एयरटेल के इस विज्ञापन को ‘भ्रमित’ करने वाला बताते हुए चुनौती दी थी।
जियो के अनुसार एयरटेल को अपने विज्ञापन में यह स्पष्ट और मोटे शब्दों में बताना चाहिए कि एयरटेल अपने ग्राहकों को सिर्फ हॉटस्टार ऐप की फ्री मेंबरशिप दे रहा है। जबकि ग्राहक को एयरटेल से डाटा तो खरीदना ही पड़ेगा, जिससे ग्राहक की जेब हल्की होगी।