डार्क वेब पर 3,000 सरकारी ई-मेल लीक, सूचना मंत्रालय का भी डाटा हुआ सार्वजनिक

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स ने 3,2020 सरकारी ई-मेल लीक होने का दावा है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और सूचना मंत्रालय समेत 11 विभाग की ई-मेल आईडी डार्क वेब पर मौजूद है। आईआईटी-गुवाहाटी के पूर्व छात्र और साइबर सिक्योरिटी स्टार्टअप हैकक्रू (Hackrew) के संस्थापक साई कृष्णा कोथपल्ली ने डाटा लीक का यह दावा किया है।
कोथप्लली ने दावा किया है कि डार्क वेब पर टेक्स्ट फॉर्मेट में भारत सरकार के कई विभाग की ई-मेल आईडी मौजूद हैं। उन्होंने दावा किया है कि डार्क वेब पर पिछले चार साल से 1.8 अरब ई-मेल और पासवर्ड मौजूद हैं। कोथपल्ली के मुताबिक डार्क वेब से इन डाटा को हटाने का कोई रास्ता नहीं है।
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साई कृष्णा कोथपल्ली ने कहा, 'डार्क वेब पर मुझे कुल 3,202 ई-मेल आईडी मिली हैं जो *@*.gov.in के फॉर्मेट मे हैं, हालांकि मैं यह बताने से परहेज करूंगा कि यह डाटा मुझे कहां से मिला, क्योंकि यह प्रावेसी का मामला है।'
कोथपल्ली की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे ज्यादा ई-मेल आईडी इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र की लीक हुई है जिनकी संख्या 365 है। वहीं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के 325 ई-मेल आईडी और पासवर्ड सार्वजनिक हुए हैं।
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इसके बाद सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया के 157, गुजरात सरकार के 132, इसरो सैटेलाइट सेंटर के 111, राजा रमण सेंटर फॉर एडवांस टेक्नोलॉजी के 109, सैटेलाइट एप्लिकेशंस सेंटर, अहमदाबाद के 106, पिंपरी चिंचवड महानगरपालिका के 80, कारपोरेट कार्य मंत्रालय के 48, सूचना मंत्रालय के 45 और वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के 40 ई-मेल आईडी लीक हुए हैं।