Dark Web: इंटरनेट की काली दुनिया जहां होती है मर्डर की प्लानिंग, बिकते हैं गैरकानूनी हथियार

यदि आपसे पूछा जाए कि इंटरनेट क्या है तो आप झट से बोल पड़ेंगे कि एक ऐसी दुनिया जहां एक क्लिक पर सभी तरह की जानकारी मिल जाए। या फिर शायद आप कहेंगे कि इंटरनेट मतलब गूगल। वैसे आपको बता दें कि इस गूगल वाले इंटनरेट की दुनिया में आप कुछ भी करते हैं तो उस पर सरकार से लेकर एक अदने से हैकर्स की भी नजर होती है लेकिन इसके अलावा भी इंटरनेट की एक दुनिया है जहां सभी गैरकानूनी काम होते हैं और उसकी किसी को भी भनक तक नहीं लगती। जी हां, हम बात कर रहे हैं डार्क वेब की। डार्क वेब को कई लोग इंटरनेट की काली दुनिया भी कहते हैं। इस डार्क वेब की दुनिया में ड्रग्स, खतरनाक हथियारों का कारोबार होता है। साथ ही ऐसी भी कई चीजों की खरीद बिक्री होती है जिन्हें बेचना या खरीदना जुर्म है। इस बाजार में खरीदारी सिर्फ वर्चुअल करेंसी जैसे- बिटकॉइन के जरिए होती है। दूसरे शब्दों में कहें तो इंटरनेट के इस काले बाजार में दुनिया के सभी गैरकानूनी काम खुलेआम किए जाते हैं। तो आइए इंटरनेट की इस काली दुनिया के बारे में विस्तार से जानते हैं।
इंटरनेट के प्रकार

1. सरफेस वेब
2. डीप वेब
3. डार्क वेब
क्या है सरफेस वेब?
सबसे पहले आपको बता दें कि आप और हम जिस दुनिया में फेसबुक, यूट्यूब और गूगल का इस्तेमाल करते हैं उसे सरफेस वेब बोला जाता है। इसके बाद डीप वेब और आखिरी में डार्क वेब का नाम आता है। सरफेस वेब की दुनिया में कोई भी इंटरनेट पर कुछ भी सर्च कर सकता है। उदाहरण के लिए इस वक्त आप अमर उजाला को अपने फोन या लैपटॉप में इंटरनेट के माध्यम से पढ़ रहे हैं। सरफेस वेब में आप इंटरनेट पर गैरकानूनी काम जैसे मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री जैसे काम नहीं कर सकते। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सरफेस वेब की दुनिया सिर्फ 4 फीसदी है।
क्या है डीप वेब?
डीप वेब एक सीक्रेट वेब है जो आम यूजर्स को नजर नहीं आता है। इसमें वे सभी वेबसाइट्स दिखती हैं जो गूगल में नजर नहीं आती हैं। डीप वेब में सिर्फ वही व्यक्ति पहुंच सकता है जिसके पास इसका अधिकार है। डीप वेब का इस्तेमाल प्राइवेट जानकारी को सेव करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के तौर पर क्लाउड स्टोरेज के लिए इसका इस्तेमाल होता है। इसका इस्तेमाल रक्षा मंत्रालय जैसी संस्थाएं जानकारियों को सुरक्षित रखने के लिए करती हैं।
क्या है डार्क वेब जहां होते हैं सभी गैरकानूनी काम

अब इंटरनेट के आखिरी हिस्से डार्क वेब की बात करें तो यह इंटरनेट की दुनिया का यह सबसे खतरनाक हिस्सा है। एंटीवायरस बनाने वाली कंपनी मैकअफे के मुताबिक डार्क वेब या डीप वेब प्रत्यक्ष तौर पर दिखने वाली इंटरनेट की दुनिया से करीब 3 गुना बड़ा है। डार्क वेब का इस्तेमाल भी गैरकानूनी है। डार्क वेब में दुनिया के सभी तरह के गैरकानूनी काम बेखौफ किए जाते हैं। डार्क वेब का इस्तेमाल सिर्फ वे ही लोग कर सकते हैं जो टॉर ब्राउजर का यूज करते हैं। आपको बता दें कि टॉर ब्राउजर के एक ऐसा ब्राउजर है जिसे कोई ट्रैक नहीं कर सकता है।
उदाहरण के तौर पर यदि आप टॉर ब्राउजर के जरिए इंटरनेट पर कोई भी काम करते हैं तो आपको कोई सरकारी एजेंसी भी ट्रैक नहीं कर सकती, क्योंकि टॉर ब्राउजर में आईपी (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एड्रेस लगातार बदलती रहती है और इंटरनेट की दुनिया में किसी को भी आईपी एड्रेस के जरिए ही ट्रैक किया जाता है। हालांकि टॉर ब्राउजर पर भी कई डार्क वेब वाली वेबसाइट्स बैन हैं। ऐसे में हम आपको यही सलाह देंगे कि आप डार्क वेब पर ना ही जाएं, क्योंकि यह गैरकानूनी है। डार्क वेब में मानव तस्करी का भी काम होता है।