Covid 19: कोरोना संक्रमण और लोगों की गतिविधियों की पलपल जानकारी देता है यह पोर्टल

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Tue, 15 Jun 2021 11:35 PM IST
सार

यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी ने शोधकर्ताओं ने एक ऐसा पोर्टल डिजाइन किया है जो महामारी के दौरान इंसानों के घर से बाहर निकलने और हर रोज आ रहे संक्रमण की जानकारी एक ग्राफ के जरिए दे रहा है। इस पोर्टल का नाम ‘COVID-19 vs. Human Mobility’ है। इस पोर्टल पर सभी देशों के डाटा उपलब्ध हैं।

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COVID 19 vs Human Mobility portal analyzes patterns between human movement and the pandemic
कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : iStock

    विस्तार

    कोरोना महामारी को रोकने में लॉकडाउन ने काफी मदद की है। केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन लगाए और क्वारंटीन जैसे नियम बना। इन दोनों वजहों से लोगों का बाहर जाना (मूवमेंट) बंद हुआ या यूं कहें तो लोगों का घर से बाहर निकलना, कही घूमने जाना काफी हद तक प्रभावित हुआ। अब यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी ने शोधकर्ताओं ने एक ऐसा पोर्टल डिजाइन किया है जो महामारी के दौरान इंसानों के घर से बाहर निकलने और हर रोज आ रहे संक्रमण की जानकारी एक ग्राफ के जरिए दे रहा है। इस पोर्टल का नाम ‘COVID-19 vs. Human Mobility’ है। इस पोर्टल पर सभी देशों के डाटा उपलब्ध हैं।

    इस पोर्टल को कॉलेज ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज डिपार्टमेंट ऑफ ज्योग्राफी एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट में प्रोफेसर, शौरसेनी सेन रॉय और स्नातक के छात्र क्रिस्टोफर चैपिन ने तैयार किया है। यह वेबसाइट कोरोना को रोकने के लिए सरकार द्वारा बनाए गए नियम और कानून के बारे में भी जानकारी देती है। इस पोर्टल का मकसद महामारी के दौरान लोगों की गतिविधियों के पैटर्न को समझते हुए नए नियम को बनाने में सरकार की मदद करना है। सेन रॉय का मानना है इस वेबसाइट के डाटा की मदद से सरकार को टेस्टिंग, वैक्सीनेशन, मास्किंग आदि के लिए नियम बनाने में सहूलियत मिलेगी।

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    इस पर डाटा अपडेशन के लिए कई बड़े स्वतंत्र स्रोत की मदद ली गई है। इस पोर्टल पर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का COVID-19 गवर्नमेंट रिस्पांस ट्रैकर, जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी और एपल की मदद से डाटा अपलोड किए जा रहे हैं। एपल मैप लोगों के मूवमेंट की जानकारी देता है, जबकि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का COVID-19 गवर्नमेंट रिस्पांस ट्रैकर महामारी को लेकर सरकार की नीतियों और जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी संक्रमण के मामले की जानकारी देता है।

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    पोर्टल पर आपको इंसानों के मूवमेंट (वॉकिंग, ड्राइविंग, अन्य गतिविधियां) और संक्रमण के मामले को लेकर तुलनात्मक डाटा दिया गया है। कोरोना से लड़ने के लिए सरकार की किसी खास इलाके में कौन-कौन सी नीतियां लागू हुई हैं, उसके बारे में भी यह पोर्टल जानकारी देता है। यह पोर्टल यह भी बताने में सक्षम है कि जब लोगों ने अधिक संख्या में बाहर निकलना शुरू किया और उसका परिणाम क्या हुआ। भारत के संदर्भ में बात करें तो 3 जून को भारत में ड्राइविंग 76.88 फीसदी, वॉकिंग 86.7 फीसदी और केस 132364 रहे हैं। इस वेबसाइट ने इस दौरान किसी पॉलिसी को ट्रैक नहीं किया। यह साइट नेशनल पॉलिसी को ट्रैक करती है, ना कि स्थानीय।

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