Coronavirus Lockdown: ऑनलाइन गेमिंग में हो रहा है 63GB तक डाटा का इस्तेमाल, कैसे होगा घर से काम

कोरोना वायरस के कारण करीब 200 देशों के लोग अपने घरों में कैद हैं और हालात देखकर अंदाजा लगाना भी मुश्किल है कि कब तक कैद रहेंगे। कोरोना वायरस के कारण भारत में भी 21 दिनों यानी 14 अप्रैल तक लॉकडाउन (एक तरह का कर्फ्यू) की घोषणा कर दी गई है जिसके बाद लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। घरों में होने कारण लोग खूब ऑनलाइन वीडियो देख रहे हैं और गेम खेल रहे हैं। वहीं सरकार ने निजी कंपनियों को भी अपने कर्मचारियों को सुरक्षा के मद्देनजर घर से काम करने की सुविधा देने को कहा है।
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तमाम कंपनियों के हजारों कर्मचारी घर से काम कर रहे हैं। घर से काम करने के लिए इंटरनेट सबसे जरूरी है, लेकिन लॉकडाउन की इस स्थिति में इंटरनेट ने भी धोखा दे दिया है। वर्क फ्रॉम होम कर रहे कई लोग स्लो इंटरनेट की समस्या से लगातार जूझ रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि आखिर इंटरनेट स्लो क्यों चल रहा है और ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनियां कुछ क्यों नहीं कर पा रही हैं? आइए जानते हैं...
गेमर्स के कारण हो रही है समस्या?

कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन की स्थिति में लोग अपने घरों में हैं। कुछ लोग घर से ही ऑफिस का काम कर रहे हैं तो कुछ लोग अन्य घरेलू काम में अपना हाथ बंटा रहे हैं। देश के तमाम कॉलेज, स्कूल और कोचिंग सेंटर बंद हो गए हैं। ऐसे में छात्र घरों में कैद हैं और यह बात आप भी जानते हैं कि स्टूडेंट्स ही सबसे ज्यादा पबजी, कॉल ऑप ड्यूटी जैसे हेवी मोबाइल गेम खेलते हैं। इसके अलावा कुछ स्टूडेंट्स ऑनलाइन वीडियो भी देख रहे हैं। पबजी की बात करें तो भारत में पबजी सबसे लोकप्रिय ऑनलाइन मोबाइल गेम है। आपको जानकर हैरानी होगी कि लॉकडाउन की स्थिति में पबजी का टूर्नामेंट जमकर हो रहा है। सोशल मीडिया पर टूर्नामेंट बकायदा पबजी रूम आईडी और पासवर्ड शेयर किए जा रहे हैं।
एक घंटा पबजी खेलने में 40एमबी डाटा का खर्च

datawrapper की रिपोर्ट के मुताबिक एक घंटा पबजी मोबाइल खेलने पर 40एमबी, फोर्टनाइट पर 100एमबी, डोटा-ए पर 120एमबी और लीक ऑफ लिजेंड्स गेम पर 45एमबी डाटा खर्च होता है। हालांकि ये आंकड़े डिफॉल्ट ग्राफिक्स के हैं। यदि कोई यूजर्स एचडी ग्राफिक्स पर गेम खेलता है तो डाटा का खर्च और बढ़ जाएगा। यदि आप एसडी में नेटफ्लिक्स देखते हैं तो एक घंटे में आप 1,000एमबी, नेटफ्लिक्स एचडी देखते हैं तो इतने ही समय में 3,000एमबी डाटा खर्च करते हैं। तो कुल मिलाकर स्लो इंटरनेट की समस्या वीडियो स्ट्रीमिंग और ऑनलाइन गेमिंग की वजह से हो रही है। हालांकि इस वक्त स्लो इंटरनेट की समस्या से केवल भारत ही नहीं, बल्कि कई देशों में हो रही है।
गेम डाउनलोडिंग में सबसे ज्यादा हो रहा डाटा खर्च

ऑनलाइन गेम खेलने से अधिक डाटा का खर्च गेम डाउनलोड करने में होता है। यदि आप पबजी खेलते होंगे तो आपको पता ही होगा कि पबजी गेम को पूरा डाउनलोड करने में करीब 2 जीबी डाटा खर्च हो जाता है। कंप्यूटर पर Xbox One और प्ले-स्टेशन जैसे गेम पर तो 50 जीबी तक डाटा खर्च होता है। आपको हैरानी होगी कि Assassin's Creed Odyssey जैसे गेम की साइज 49GB और Forza Horizon 4 की साइज 63GB है। बता दें कि सोनी ने यूरोप में प्लेस्टेशन गेम की डाउनलोडिंग को स्लो कर दिया है। अब देखना यह है कि भारत जैसे देश में यह कब से शुरू हो रहा है।
एसडी में वीडियो स्ट्रीमिंग की सुविधा

भारत समेत पूरी दुनिया में नेटफ्लिक्स, अमेजन प्राइम वीडियो और यूट्यूब जैसी तमाम वीडियो स्ट्रीमिंग कंपनियों ने डिफॉल्ट रूप से एसडी यानी स्टैंडर्ड डेफिनेशन में वीडियो दिखाने का फैसला लिया है। यह फैसला नेटरनेट के संभावित आउटेज को लेकर लिया गया है, ताकि डाटा का खर्च कम से कम हो। अब वीडियो स्ट्रीमिंग पर तो लगाम तो लग गया है लेकिन वीडियो गेमिंग पर लगाम कैसे लगेगा, क्योंकि सबसे अधिक डाटा गेमर्स की खर्च कर रहे हैं जिसके कारण वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) करने वालों को परेशानी हो रही है।
कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान हेवी डाटा इस्तेमाल को लेकर हमनें साइबर मीडिया रिसर्च (CMR) के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम से बात की तो उन्होंने बताया कि भारत में हर महीने प्रति यूजर इंटरनेट डाट का इस्तेमाल 10.37 जीबी लेकिन लॉकडाउन की स्थिति में इसमें 15-18 फीसदी तक का इजाफा हो सकता है। तो ऐसे में पूरी भारत के पूरे गेमर्स से अनुरोध है कि कृपया इंटरनेट का इस्तेमाल कम-से-कम करें ताकि घर से काम करने वालों को परेशानी ना हो।
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